
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अगर वी.डी. सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है तो इस अवॉर्ड की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर लाखों दिलों पर राज करते हैं। संघ यात्रा के 100 साल पर हो रहे कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने सावरकर को भारत रत्न देने में हो रही देरी पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैं उस कमेटी में नहीं हूं, लेकिन अगर मैं किसी ऐसे व्यक्ति से मिलूंगा जो उसमें है तो मैं उनसे पूछूंगा। अगर स्वतंत्र वीर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है तो भारत रत्न की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उस प्रतिष्ठा के बिना भी, वह लाखों दिलों पर राज करते हैं। कई बार मांग किए जाने के बावजूद सावरकर को भारत रत्न देने के बारे में कोई बात नहीं हुई है। इनमें से कई मांगें आरएसएस की तरफ से की गईं। हालांकि, भाजपा ने महाराष्ट्र में 2019 के राज्य चुनावों से पहले सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया था, लेकिन सरकार की तरफ से इस बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।कांग्रेस इस विचार के सख्त खिलाफ है। इस मामले पर पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, सावरकर की क्या उपलब्धि थी। कि उन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत दिया। कि उन्होंने ही भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के लिए काम किया। इस अवॉर्ड के लिए पहला औपचारिक प्रस्ताव दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के दौरान उठाया गया था। तो वहीं, 2015 में शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चि_ी लिखकर कहा था कि अब समय आ गया है कि एनडीए सरकार सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करे और पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारे, जिन्होंने उनके कट्टर हिंदुत्व विचारों के कारण जानबूझकर उनकी उपेक्षा की थी।




























