
कोरबा। आरक्षित श्रेणी की रेल टिकटो पर मिलने वाला रेलवे कंसेशन क्या शुरू होगा या नहीं, इसकी प्रतिक्षा वरिष्ठ नागरिकों को है। कोविड कालखण्ड में लॉकडाउन और आर्थिक चुनौतियां को देखते हुए सरकार ने इसे बंद कर दिया था। तब से अब तक पुरानी व्यवस्था ही चल रही है।
तत्कालीन समय में रेलवे वरिष्ठ महिलाओं को रेलवे यात्रा पर आरक्षित टिकटों के मामले में 50 और पुरुषों को 30 फीसदी की छूट देकर बड़ी राहत देता था। इसके साथ बर्थ कंफर्मेशन कि पूरी संभावना रहती थी। कोविड के समय तात्कालिक परिस्थितियों को देखते हुए लगाए गए प्रतिबंध अभी भी लागू है। लंबा समय गुजरने के बाद भी पुराने ब्रेकर को हटाने और कुछ श्रेणियां को राहत देने के बारे में ना तो विचार किया गया है और ना ही इसे क्रियान्वयन की श्रेणी में लाया गया है। इसलिए अभी की स्थिति में सभी तरह के यात्रियों को उनकी रेल यात्रा के मामले में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही है। ई रेल टिकट सेवा प्रोवाइडर राजेश कुमार ने बताया कि उनके पास कई उपभोक्ताओं के फोन आते हैं जिन्होंने बीते कुछ समय में समाचार माध्यमों में यह पढ़ रखा है कि वरिष्ठ नागरिकों के हित में पिछले कंसेशन को लागू किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि किसी न किसी स्रोत से इस तरह की सूचना मीडिया तक पहुंचती है और यह प्रकाशित भी होती है लेकिन रेलवे के सिस्टम में अभी से अप्लाई नहीं किया गया है। लोग हैरानी के साथ पूछते हैं कि जब मीडिया तक बात आई है तो फिर क्रियान्वयन के प्रकरण में अंतिम स्थिति कब निर्मित होगी और हम लोगों को राहत कैसे मिलेगी ।























