
जमशेदपुर, १३ फरवरी ।
केंद्र सरकार के चार श्रम कानून के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन का संयुक्त मोर्चा ने गुरुवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया। इससे जमशेदपुर में 10 सरकारी बैंकों की 75 शाखाएं व भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 20 शाखाओं में ताले लटके रहे। इसके कारण पूरे शहर में 510 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुए और कई चेक क्लियरेंस नहीं हो पाए। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में स्टेट बैंक आफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को छोडक़र बैंक आफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, फेडरबल बैंक, बैंक आफ महाराष्ट्रा, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया व इंडियन बैंक के लगभग 2600 कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप रखा। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन व बैंक इम्प्लाईज फेडरेशन आफ इंडिया के बैनर तले केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं, इस आंदोलन में इंटक, सीटू, एटक, दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस सहित 10 ट्रेड यूनियनों ने नैतिक रूप से अपना समर्थन देते हुए हड़ताल में शामिल हुए।भारतीय जीवन बीमा निगम के बिष्टुपुर जीवन प्रकाश बिल्डिंग स्थित कार्यालय में गुरुवार को ताले लटके रहे। इंश्योरेंस इम्प्लाईज एसोसिएशन जमशेदपुर डिवीजन (आईईएजेडी) व जमशेदपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाईज एसोसिएशन (जेडीआईईए) के बैनर तले सभी बीमा कर्मचारियों ने नए श्रम कानून व निजीकरण का विरोध करते हुए मजदूरों के अधिकारियों की रक्षा की मांग की। बीमा कर्मचारियों ने इंश्योरेंस सेक्टर में सरकार द्वारा किए जा रहे विनिवेश का भी विरोध किया। आईईएजेडी के महासचिव सुभाष कर्ण का कहना है कि एकदिवसीय हड़ताल हमारे अधिकारों की रक्षा करने, पब्लिक सेक्टर कंपनियों की रक्षा करने और कर्मचारियों व समाज के नुकसानदायक नीतियों के खिलाफ में है।हड़ताल सिर्फ एक विरोध नहीं बल्कि हमारे अधिकारों की रक्षा के लिए है। वहीं, इस हड़ताल से जमशेदपुर सर्किल की 20 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह से ठप रहे जिससे एक दिन में लगभग 10 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। हड़ताल के दौरान राजेश कुमार, गिरीश ओझा, अमित मैती, सुकांतो शर्मा, शांतनु महतो, पूरबी घोष सहित बड़ी संख्या में बीमा कर्मचारी उपस्थित थे।हड़ताल के दौरान संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने भारतीय स्टेट बैंक की बिष्टुपुर स्थित मुख्य शाखा के बाहर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने मुख्य मार्ग को अवरूद्ध करते हुए कर्मचारियों और ग्राहकों को अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान स्थानीय पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे लेकिन हड़ताल का समर्थन कर रहे ट्रेड यूनियन नेताओं ने कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। हालांकि 12 बजे के बाद जब संयुक्त मोर्चा के सदस्य दूसरी बैंकों की ओर रूख किया तो बैंक में कामकाज सामान्य हो पाया। हड़ताल के समर्थन में आल इंडिया डेमोक्रेटिव स्टुडेंट आर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के छात्र जिला सचिव शुभम कुमार झा के नेतृत्व में सडक़ पर उतरे। इस दौरान प्रदेश सचिव सोहन महतो ने केंद्र सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए सरकार नीतियों का विरोध किया। कहा कि नई शिक्षा नीति से बच्चों की शिक्षा छिनी जा रही है किसान-मजदूर के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। आज शिक्षा पूरी तरह से व्यापार बन चुका है और क्लोजर-मर्जर के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने की साजिश की जा रही है। ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में झारखंड वर्कर्स यूनियन के कार्यकर्ता सडक़ पर उतरे और पोस्टर-बैनर के साथ सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस मौके पर बी सेनापति, कृष्णा महाली, श्मशाद आलम, मनोज, सुशील उपाध्याय, गोविद, राहिणी महतो, कमलेश यादव, रुद्र पाल, राजेश स्वर्णकार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।






















