
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सवाल किया कि क्या यह अदालत बंगाल में होने वाली हर हत्या या हिंसक घटना की निगरानी करेगी। शीर्ष न्यायालय ने यह टिप्पणी राज्य में 2018 के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उसने अपनी शिकायत लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया? वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि बंगाल में हुई तीन भयानक हत्याओं को सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में लाया गया था।
भाटिया ने ही 2018 में यह याचिका दायर की थी और वह मृतकों में से एक के भाई की ओर से पेश भी हुए थे। उन्होंने दलील दी कि उस समय राज्य में 19 हत्याएं हुईं, जो राजनीतिक कारणों से हुई थीं।
उन्होंने कहा कि मृतकों में से एक के भाई और परिवार के सदस्यों को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। भाटिया ने कहा कि इन 19 मामलों में पांच में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गईं।


























