सामान्य और प्रथम पाली में 11 ओपन कास्ट माइंस में बेहतर रहा कार्य

कोरबा । एसईसीएल में देशव्यापी हड़ताल के प्रभाव को लेकर ट्रेड यूनियनों का दावा चाहे जो हो लेकिन एसईसीएल प्रबंधन ने विभिन्न क्षेत्रों से आंकड़े एकत्रित करने के आधार पर जनरल और प्रथम पाली की स्थिति स्पष्ट की। कहा गया कि इस दौरान 34 फीसदी उपस्थिति प्रभावित रही और 14 खदानों में आंशिक रूप से कोयला उत्पादन पर असर पड़ा। अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य रही।
एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सनीश कुमार ने हड़ताल की स्थिति और इसके प्रभाव को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि एसईसीएल की खदानों में कामकाज गुरूवार को भी बेहतर रूप से जारी रहा। खदानों और अन्य स्थलों पर निष्पादकता बेहतर रही। कोरबा सहित अन्य जिले में एसईसीएल की 20 ओपनकास्ट में से 9 में हड़ताल का आंशिक प्रभाव रहा जबकि 11 में कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा। कोरबा जिले की मेगा माइंस दीपका में प्रथम दो पाली में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा। कुसमुंडा में आंशिक प्रभाव देखा गया वहीं गेवरा मेगा माइंस में कट्रिक्ट वर्कर्स के माध्यम से उत्पादन और अन्य कार्य कराए गए। जनरल और प्रथम पाली में यहां कामकाज की स्थिति संतोषजनक रही। अंडर ग्राउंड 35 खदानों में से 5 में आंशिक रूप से कामकाज प्रभावित हुआ जबकि बाकी में काम की रफ्तार सामान्य रही।
पीआरओ ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में गुरुवार को अटेंडेंस में 34 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई और अन्य कर्मियों ने अपनी उपस्थिति काम पर दर्ज कराई। संपूर्ण एसईसीएल से प्राप्त शुरुआती डेटा के आधार पर ये आंकड़े जारी किए गए। डॉ. सनीश ने बताया कि द्वितीय और अंतिम पाली में स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।उन्होंने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन ने हड़ताल को लेकर पहले से रणनीतिक तैयारी की थी और कामगारों को बताया था कि उत्पादन में हमारी क्या भूमिका है और हमारी प्रतिबद्धता क्या होनी चाहिए।

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