
तीन दिन में तीसरी मौत से दहशत
कोरबा। जिले में मानव,हाथी संघर्ष ने एक बार फिर तीन घरों की खुशियां छीन लीं। झुंड से बिछड़े लोनर हाथी ने बीते 48 घंटों के भीतर अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों की जान ले ली। ताज़ा घटना आज सुबहग्राम गौरबोरा (बालको क्षेत्र) की है, जहां घर के आंगन में सो रहे महेन्द्र सिंह मंझवार पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। परिवार के लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनकी मौके पर मौत हो गई।
इससे एक दिन पहले इसी दंतैल हाथी के हमले में कटघोरा डिविजन में दो महिलाओं की जान चली गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वही हाथी अब गांव-गांव भटक रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार हाथी झुंड में रहते हैं,एक परिवार की तरह। झुंड में रहते हुए हाथी आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन जब वे अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं तो भय तनाव और असुरक्षा उन्हें आक्रामक बना देती है। माना जा रहा है कि यही वजह है कि यह दंतैल हाथी आबादी वाले इलाकों में घुसकर जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी की गतिविधियों की जानकारी पहले ही वन विभाग को दी गई थी, इसके बावजूद न तो रात की गश्त बढ़ाई गई और न ही गांवों में कोई ठोस चेतावनी व्यवस्था की गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सतर्कता बरती जाती, तो शायद तीन परिवार उजडऩे से बच जाते। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय और गहरा दुख है। रात होते ही लोग अपने ही घरों में सहमे रहते हैं। घटना के बाद वन विभाग ने सावधानी बरतने और संवेदनशील इलाकों में गश्ती दल तैनात करने की बात कही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि केवल अपील से डर खत्म नहीं होता। इन घटनाओं ने जिले में मानव-हाथी संघर्ष और टूटते जंगलों की सच्चाई को सामने ला दिया है। ग्रामीण प्रशासन और वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और घर में मातम न पसरे और कोई और परिवार अपनों से बिछडऩे को मजबूर न हो।
यह घटना कोरबा वनमंडल अंतर्गत बालको रेंज के पोड़ीखोहा परिसर स्थित ग्राम गौरबोरा में आज सुबह 5.45 बजे के लगभग घटित हुई, जहां लोनर हाथी के हमले में महेंद्र सिंह मंझवार पिता चमार सिंह उम्र 35 वर्ष नामक ग्रामीण युवक की मौत हो गई। बताया जाता है कि वह अपने पिता के साथ घर की परछी में आग ताप रहा था, तभी उनकी बाड़ी की ओर से कुछ आवाज सुनाई देने पर उसके पिता बाड़ी की ओर देखने गए, तब वहां दंतैल हाथी बाड़ी में धान खा रहा था। हाथी को देखकर वह वापस भागा जिस पर हाथी दौड़ाते हुए आंगन में घुस गया और परछी में आग ताप रहे महेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटकने के बाद पैरों तले दबा दिया। फलस्वरूप उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बालको रेंजर जयंत सरकार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के साथ आवश्यक कार्यवाही की। मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया। गांव के सरपंच, उपसरपंच, जनपद सदस्य, तहसीलदार व अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में मृतक की पत्नी अमरीका बाई को तत्कालिक सहायता राशि रुपए 25 हजार दिया गया।
गांव में घूम-घूमकर ग्रामीणों को दी थी सूचना
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे एनआर के काम में महेंद्र सिंह अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल जाता था। आज सुबह घटना से पहले उसने गांव की बस्तियों में घूमकर अपने साथियों को क्षेत्र में दंतैल हाथी के आने की सूचना देते हुए सभी को काम पर नहीं जाने की बात कही थी। तत्पश्चात् घर लौटकर आग ताप रहा था तभी वह हाथी के हमले का शिकार हो गया, जिससे उसकी जान चली गई।
झोराघाट के रास्त बालको रेंज पहुंचा था लोनर
लोनर हाथी कल रात 8 बजे के लगभग चैतमा रेंज से आगे बढक़र जेंजरा-झोराघाट, फिर जंगल के रास्ते बालको रेंज पहुंचा था। लोनर हाथी के क्षेत्र में आने की जानकारी वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को देते हुए जंगल न जाने तथा अपने घरों के भीतर सुरक्षित रहने की अपील की थी लेकिन लोनर हाथी ने घर के भीतर प्रवेश कर युवक की जान ले ली।





















