अंधत्व निवारण कार्यक्रम का बुरा हाल, सत्र समाप्त होने में माहभर शेष

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम का जिले में बुरा हाल है। इस साल 35 सौ मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों का ऑपरेशन करने का टारगेट रखा गया है। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 1720 लोगों का ऑपरेशन हो पाया है। वहीं अभी भी 1780 का ऑपरेशन किया जाना बाकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज महीने भर का समय ही बाकी रह गया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के माध्यम से हर साल पात्रता रखने वाले मोतियाबिंद से प्रभावित मरीज का ऑपरेशन शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क किया जाना रहता है। इसी के तहत जांजगीर चांपा जिले के पांच ब्लॉक को मिलाकर 3 हजार 500 मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों के ऑपरेशन करने का टारगेट मिला है। अब तक 1720 लोगों का ही ऑपरेशन हो पाया है, जबकि अभी 1780 का ऑपरेशन करना बाकी है वहीं वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मार्च महीने भर का समय ही बाकी रह गया है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि टारगेट पूरा करने में भी कितनी मशक्कत करनी पड़ सकती है। कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीज का सफलतापूर्वक मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर मरीज को निशुल्क चश्मा एवं दवा का वितरण भी करना रहता है। इस तरह की व्यवस्था सरकारी जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रहती है। आंकड़ों पर गौर करें तो नवागढ़ ब्लाक में 983 मोतियाबिंद से प्रभावित मरीज के ऑपरेशन का टारगेट रखा गया है, जिसमें से 405 लोगों का ऑपरेशन हो पाया है। वहीं अभी 578 मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों का ऑपरेशन करना बाकी है। इसी प्रकार अकलतरा ब्लाक में 649 मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों के ऑपरेशन का टारगेट रखा गया है, जिसमें 325 लोगों का ऑपरेशन हो गया है। वहीं अभी 324 प्रभावित लोगों का ऑपरेशन करना अभी बाकी है। बलौदा विकासखंड में मोतियाबिंद से प्रभावित 595 लोगों के ऑपरेशन करने का टारगेट मिला हुआ है, जिसमें से 260 लोगों का ऑपरेशन हो चुका है। वहीं 335 मोतियाबिंद से प्रभावित मरीजों को ऑपरेशन करना अभी बाकी रह गया है। पामगढ़ ब्लॉक में मोतियाबिंद से प्रभावित 678 लोगों के ऑपरेशन कर निशुल्क दवा एवं चश्मा वितरण करने का टारगेट रखा गया है, है, जिसमें से 335 लोगों को ऑपरेशन हो पाया है, वहीं 343 का ऑपरेशन करना बाकी है। कुछ सालों पूर्व तक यह कार्यक्रम बंद कर दिया गया था, लेकिन इसे फिर से प्रारंभ कर दिया गया है। ऐसे में अब मोतियाबिंद प्रभावित लोगों का टारगेट के अनुसार ऑपरेशन करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नेत्र रोग चिकित्सक की कमी
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मी वेत्र रोग चिकित्सक की कमी बनी हुई है. जिसके चलते मोतियाविद का ऑपरेशन करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाविव से प्रभावित मरीजों का सरकारी अस्पतालों में निशुल्क ऑपरेशन के साथ दवा एवं चश्मा का वितरण भी करमा रहता है. लेकिन नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के चलते मोतियाबिंद ऑपरेशन का कार्य प्रभावित हो रहा है वहीं जो वित्तीय वर्ष चल रहा है, उसके मुताबिक ऑपरेशन टारगेट पूरा करने में महज महीने भर का समय बाकी रह गया है।
चल रहा ऑपरेशन
इस वितीय वर्ष 3 हजार 500 मोतियाबिद से प्रभावित मरीजों के ऑपरेशन का टारगेट है। लक्ष्य के अनुसार कार्य चल रहा है। ऑपरेशन को लेकर चिकित्सकों की व्यवस्था बनाई गई है।
-स्वाती चढऩा सिसोदिया,
सीएमएचओ
जांजगीर-चांपा

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