
चाईबासा, 0३ मार्च ।
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चिमीसाई गांव में एक 11 माह की बच्ची की कुत्ते से शादी कराने की दिलचस्प खबर सामने आई है। यह शादी वैसे ही हुई जैसे एक आम शादी होती है। इसमें दूल्हा, दुल्हन, बैंड बाजा और बरात सब कुछ था। शादी के बाद बरातियों ने भोज का आनंद भी उठाया। दरअसल, हो जन जाति (आदिवासी) में दांत के ऊपर दांत (कुकुर दांत) को अशुभ माना जाता है। इस अंधविश्वास में जिस बच्ची को कुकुर दांत होता है, अशुभ को टालने के लिए उसकी शादी कुत्ते से करने की परंपरा है। यह शादी मागे परब (त्योहार) के दौरान की जाती है। हो जनजातियों का मागे परब चल रहा है। इसी दौरान शुक्रवार को बच्ची की शादी कुत्ते से कराई गई।हालांकि यह शादी सिर्फ एक रस्म भर होती है। चिमीसाई गांव में शादी के दौरान कुत्ते के एक पैर के नाखून पर सिंदूर लगाकर बच्ची की मांग को भरा जाता है। इसके बाद कुत्ते को खुला छोड़ दिया जाता है। शादी के दौरान लोगों को जश्न मनाते हुए भी देखा गया। महिलाएं नाच रही थीं, ढोल-नगाड़े बज रहे थे। मांदर की थाप पर युवा थिरक रहे थे।शादी के दौरान कुत्ते को धोती पहनाया गया था। इसी तरह से बच्ची को पीले रंग की साड़ी पहनायी गई थी। इसके बाद दोनों को गोद में लेकर विधि-विधान के साथ पूजा हुई।इस शादी के पहले एक चूजे की बलि दी गई। इसके बाद शादी की रस्म शुरू हुई। झाड़ फूंक के नाम पर आदिवासी महिला की पिटाईउधर, गम्हरिया प्रखंड के जयकान पंचायत अंतर्गत नूनाडीह टोला डुंगरीडीह के बिशु मुर्मू नामक व्यक्ति द्वारा झाड़ फूंक के नाम पर एक आदिवासी महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।इस बावत पीडि़ता द्वारा उंक्त व्यक्ति के खिलाफ गम्हरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस बावत बताया गया है कि बीते 24 फरवरी को महिला कुछ दिनों से बीमार थी। कुछ लोगों द्वारा बताया गया कि बिशू मुर्मू बीमारी का इलाज करता है। महिला के परिजनों द्वारा जब उसे विशु के पास ले जाया गया तो उसने झाड़- फूंक के नाम पर महिला को बाल खोलकर घर में बनाए गए पूजा स्थल पर माथा टेकने को कहा।बताया गया है कि जैसे ही महिला माथा टेकने के लिए झुकी, विशु मुर्मू महिला का बाल पकडक़र उसपर लात, घूंसे और लाठी से प्रहार करने लगा।इतना ही नहीं मानवता को शर्मसार करते हुए मुर्मू ने उक्त महिला के गुप्तांगों पर भी हमला किया जिसे वह महिला बुरी तरह घायल हो गई और बेहोश हो गई।परिजनों द्वारा घायल महिला को चार दिनों तक स्थास्नीय निजी अस्पताल में इलाज कराया गया।
इस मामले को लेकर आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।इधर, इस मामले में झामुमो नेता भोमरा माझी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुके इस तरह के अंधविश्वास फैलाने वाले के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।























