
बम्हनीडीह। बम्हनीडीह में इन दिनों झोलाछाप डाक्टरों का कारोबार जमकर चल रहा है। सिर्फ चंद पैसे के लालच में ग्रामीणों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। भोले भाले ग्रामीणों को सस्ते इलाज के बहकावे में लाकर इलाज कर रहे हैं। वैसे तो शासन ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशील होने की बात करता है मगर झोला छाप डाक्टरों पर कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में इनके हौसले बुलंद हैं। कई मरीजों की जान भी इनके उपचार से गई है मगर इस ओर सुध लेने वाले कोई नहीं है। बम्हनीडीह में तो कुछ ऐसे झोलाछाप डाक्टर भी है जो लगभग 20 वर्ष से अधिक समय से अपना क्लीनिक चलाते आ रहे हैं, जिनके इलाज से कई बार ग्रामीणों में आक्रोश भी हो चुका है लेकिन शासकीय विभागों में लेन देन कर वे कार्रवाई से बच जाते हैं। मरीज जाने अंजाने में इनसे उपचार कराते हैं और अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
बम्हनीडीह के एक गली मेंलगभग 4 से 5 झोलाछाप डाक्टरों का कब्जा है। जिनके द्वारा घर को ही क्लिनिक बना लिया गया है ताकि कोई बाहरी अधिकारी आए तो उन्हें क्लिनिक ही ना दिखे और क्लिनिक दिखे तो शासकीय नियमानुसार घर पर सील न कर सके प्रति वर्षो में एक न एक ऐसा मामला सामने आता ही है जहा ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा गलत इलाज करने का कीमत ग्रामीण को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है ।
क्षेत्र में जाकर जांच की जाएगी, अवैध क्लिनिक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
डा. अजंबर सिंह सिसोदिया
बीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बम्हनीडीह





























