अफगानिस्तान के जलालाबाद में भारतीय कांसुलेट पर हमला, कर्मचारी घायल

नईदिल्ली, २५ दिसम्बर ।
अफगानिस्तान के जलालाबाद के बंद हो चुके भारतीय कांसुलेट में एक स्थानीय अफगान कर्मी हमले में घायल हो गया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि वह इस मामले में अफगानी प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्हें इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट का भी इंतजार है। बताया जाता है कि स्थानीय अफगानी कर्मचारी को बंद कांसुलेट की देखरेख के लिए वहां तैनात किए गया है और उस पर जानबूझकर हमला किया गया। लेकिन इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है।विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जलालाबाद स्थित भारतीय कांसुलेट के वर्ष 2020 से बंद होने के बावजूद जून, 2022 से भारतीय तकनीकी टीम काबुल में भारतीय दूतावास में स्थित है।भारतीय दूतावास की यह टीम मानवीय सहायता से लेकर अन्य हालात से निपटने के लिए वहां पर सक्रिय है। भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ही तरह अफगानिस्तान के लड़ाकों को मान्यता नहीं देने का ही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में अफगानिस्तान का कांसुलेट मौजूद है। लेकिन वर्ष 2021-22 के बीच कुछ अफगान कूटनीतिक भारत छोडक़र तीसरे देशों में चले गए थे।भारत ने अफगान दवा उपयोगकर्ता आबादी, विशेषकर महिलाओं के कल्याण के लिए सहायता प्रदान करने के लिए अफगानिस्तान में ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) के साथ भी साझेदारी की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस साझेदारी के तहत, भारत ने 2022 से यूएनओडीसी, काबुल को स्वच्छता किट, शिशु आहार, कंबल, कपड़े, चिकित्सा सहायता और अन्य विविध वस्तुओं की 11,000 इकाइयों की आपूर्ति की है।अफगानिस्तान के प्रति भारत का दृष्टिकोण उसके ऐतिहासिक संबंधों, अपने लोगों के साथ मित्रता और यूएनएससीआर 2593 सहित प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों द्वारा निर्देशित है। तालिबान द्वारा अधिग्रहण के बाद काबुल में दूतावास के भारत स्थित कर्मचारी भारत लौट आए। अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात को मान्यता देने के संबंध में भारत का रुख अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अनुरूप है।

RO No. 13467/10