अरसे बाद सरकारी तंत्र ने अवैध मानकर चखना सेंटर को किया नष्ट

जांजगीर – चांपा । केरा रोड में सात साल से देसी और अंग्रेजी शराब दुकान संचालित है और तभी से इसके आसपास अवैध अहाता और चखना सेंटर संचालित हो रहे थे। मगर प्रशासन के अधिकारियों को सात साल में पहली बार यह समझ में आया कि शराब दुकानों के आसपास संचालित अहाता और चखना सेंटर अवैध है। ऐसे में गुरूवार की शाम को अहाता और चखना सेंटर संचालकों को हटाने के निर्देश दिए और शुक्रवार को जेसीबी से हटाने की कार्रवाई की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनएच और स्टेट हाइवे में संचालित दुकानों को हटाया जाना था । वित्तीय वर्ष 2016 -17 से शराब दुकानों का संचालन तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा शुरू किया गया। तब जिला मुख्यालय की तीन दुकानों को एनएच और स्टेट हाइवे से हटाया गया था। इसके लिए आबकारी विभाग ने नपा से दुकान बनाने के लिए जमीन आबंटित करने की मांग की थी, नपा ने भांठापारा वार्ड नंबर 21 में नहर पुल के पास केरा रोड से लगकर अंग्रेजी शराब भ_ी के लिए स्थल चिह्नांकित किया था। उस दौरान तत्कालीन नपाध्यक्ष मालती देवी रात्रे, वार्ड पार्षद चंद्रिका बाई , रेखा गढ़ेवाल, प्रमिला गढ़वाल, जाज्वल्यदेव शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय जांजगीर के प्राचार्य सहित मोहल्लेवासियों ने इसकी शिकायत तहसीलदार से की थी। जिसमें बताया गया था कि केरा रोड स्टेट हाइवे है और इसके 500 मीटर के अंदर शराब भ_ी का निर्माण नहीं किया जा सकता। वहीं प्रस्तावित स्थल से 100 मीटर की दूरी पर शासकीय कन्या महाविद्यालय है। इसी तरह केरा रोड बिजली आफिस के पीछे देसी शराब दुकान के लिए स्थान तय किया गया था। इस शराब दुकान के पास बस स्टैंड, पोस्ट मैट्रिक महिला छात्रावास, बालक छात्रावास है। यहां पर शराब दुकान खोलने से छात्राओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मगर विरोध के बाद भी इन दोनों स्थानों में शराब दुकान खोल दिया गया। इसके बाद इन शराब दुकानों के आसपास बांस बल्ली और तालपतरी लगाकर अवैध रूप से अहाता और चखना सेंटर संचालित होने लगे। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों और स्कूल कालेज आने जाने वाले छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन सात साल बाद अधिकारियों को समझ में आया कि केरा रोड में शराब दुकानों के आसपास संचालित चखना सेंटर अवैध है। ऐसे में शुक्रवार को नायब तहसीलदार, आबकारी, पुलिस और नगर पालिका के कर्मचारी पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। टीम के पहुंचने के बाद अधिकांश सेंटर संचालक अपने दुकान से बांस बल्ली हटाना शुरू किए। केरा रोड में सड़क के दोनों ओर अवैध अहाता और चखना सेंटर संचालित हो रहे थे। शुक्रवार को कार्रवाई करने पहुंची नायब तहसीलदार, पुलिस और नगर पालिका की टीम ने बिजली आफिस के तरफ साइड में संचालित अहाता और चखना सेंटर को तो हटाया मगर दूसरी तरफ संचालित सेंटरों को छोड़ दिया। सुबह अवैध अहाता और चखना सेंटर को तो हटा दिया गया मगर शाम होते ही करीब आठ से दस ठेले वाले अंडा, मछली और चखना के अन्य सामान लेकर पहुंच गए। ऐसा नहीं है कि इस मार्ग से या इन शराब दुकानों के आगे से जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी आते जाते नहीं हैं । मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और स्कूल कालेज आने जाने वाली छात्राओं को होने वाली परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। यही वजह है कि सात साल में इन अवैध अहाता और चखना सेंटर के खिलाफ पुलिस, आबकारी विभाग, नगर पालिका और जिला प्रशासन द्वारा कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबिक आते जाते वे विभाग के अधिकारी अक्सर इस नजारा को देखते थे मगर कभी कार्रवाई नहीं की गई।

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