आतंकवाद पर गृह मंत्रालय का बड़ा एक्शन, यासीन मलिक की पार्टी पर 5 साल के लिए और बढ़ा प्रतिबंध

नई दिल्ली 16 मार्च। गृह मंत्रालय ने आतंकवाद पर एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (मोहम्मद यासीन मलिक गुट) पर लगा बैन पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि उसका नया कदम जेकेएलएफ-वाई नामक संगठन के खिलाफ प्राप्त इनपुट के बाद आया है, क्योंकि वह उन गतिविधियों में शामिल है, जो देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर सकती है। गृह मंत्रालय ने 22 मार्च 2019 को जेकेएलएफ-वाई को एक गैरकानूनी पार्टी घोषित किया था।गृह मंत्रालय ने बताया कि जेकेएलएफ-वाई अभी भी भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के उद्देश्य से राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल है। यह आतंकवादी संगठनों के साथ संपर्क में है और जम्मू-कश्मीर और अन्य जगहों पर उग्रवाद का समर्थन कर रहा है। जेकेएलएफ-वाई भारतीय क्षेत्र के एक हिस्से को देश से अलग करने के दावों का समर्थन और उकसा रहा है और भारत की क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के इरादे से गतिविधियों में शामिल होकर इस उद्देश्य के लिए लडऩे वाले आतंकवादी और अलगाववादी समूहों का समर्थन कर रहा है। संघ के रूप में घोषित किया है। ये संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक भड़काने और अलगाववाद को बढ़ावा देने में शामिल थे। इन चारों गुटों के नाम हैं। जेकेपीएल (मुख्तार अहमद वाजा), जेकेपीएल (बशीर अहमद टोटा), जेकेपीएल (गुलाम मोहम्मद खान) और जेकेपीएल (अजीज शेख), जिसका नेतृत्व याकूब शेख के पास है।

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