इजरायल के साथ खड़ा है ब्रिटेन, सुनक ने हमास के हमले को बताया नरसंहार, फलस्तीनी क्षेत्रों के लिए किया बड़ा ऐलान

लंदन, १७ अक्टूबर । ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इजरायल-गाजा संघर्ष के बीच सोमवार को कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्रों (ओपीटी) में नागरिकों के लिए मानवीय सहायता निधि में एक करोड़ पौंड देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि इजरायल में छह ब्रिटिश नागरिक मारे गए हैं और 10 लापता हैं। हाउस ऑफ कामन्स में संसद सदस्यों को संबोधित करते हुए सुनक ने इजरायल व गाजा दोनों में हमास के कृत्यों की निंदा की और मानवीय संगठनों को तत्काल जीवन रक्षक सहायता पहुंचाने की अनुमति देने का आह्वान किया। सुनक ने सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमलों को पोग्रोम करार दिया। प्रोग्रोम लोगों के एक बड़े समूह को उनकी जाति या धर्म के आधार पर संगठित रूप से यातना देने या मारने को कहा जाता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह इजरायल पर हुए हमले ने दुनिया को झकझोर रख दिया है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में 1,400 से अधिक लोग मारे गए। इसके अलावा 3,500 से अधिक घायल हुए हैं और लगभग 200 लोगों को बंधक बना लिया गया है। सुनक ने कहा कि बुजुर्ग, पुरुष, महिलाएं और मासूम बच्चों की हत्या कर दी गई। उनके शरीर को नुकसान पहुंचाया गया और उन्हें जिंदा जला दिया गया। यह एक नरसंहार है, हम इस मुश्किल घड़ी में इजरायल के साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि यूनाइटेड किंगडम सहित 30 से अधिक देशों के लोगों की हत्या और लापता होने की जानकारी सामने आई है। कम से कम छह ब्रिटिश नागरिक मारे गए और दस लापता हैं। ऋषि सुनक ने ब्रिटिश संसद को बताया कि हमारी सरकार उन ब्रिटिश नागरिकों की भी मदद कर रही है जो इजरायल छोडऩा चाहते हैं। हमने अब तक आठ फ्लाइटें वहां भेजी हैं, जिनकी मदद से 500 से अधिक लोगों को बाहर लाया गया है। मैं सीधे तौर पर ब्रिटिश यहूदी समुदाय को संबोधित करना चाहता हूं। हम अभी और हमेशा उनके साथ खड़े हैं। यह अत्याचार यहूदी लोगों के लिए एक सुरक्षित मातृभूमि के रूप में इजरायल के अस्तित्व के विचार पर एक हमला था।

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