इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम से पूरी दुनिया ने ली राहत की सांस, जो बाइडन ने मिस्त्र और कतर के नेताओं से की बात

वॉशिंगटन, २३ नवंबर। 46 दिनों से जारी इजरायल-हमास युद्ध में चार दिनों के संघर्षविराम की सहमति बन गई है और गुरुवार को गाजा पट्टी में लड़ाई रुक जाएगी। समझौते के तहत अतिवादी संगठन हमास सात अक्टूबर को अगवा कर बंधक बनाए गए लोगों में से 50 महिलाएं और बच्चे रिहा करेगा, इसके बदले इजरायल अपनी जेलों में बंद 150 फलस्तीनी महिलाएं और बच्चे छोड़ेगा। हत्या के आरोप में बंदी किसी भी कैदी की इजरायली जेल से रिहाई नहीं होगी। बंधकों-कैदियों की यह अदलाबदली गाजा पट्टी में संघर्षविराम के दौरान होगी। हालांकि, युद्धविराम लागू होने से पहले गाजा में इजरायली सेना के भीषण हमले और हमास द्वारा उनका प्रतिरोध जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के जोर देने पर कतर की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम समझौते पर भारत सहित पूरे विश्व ने खुशी जताई है। इससे गाजा में इजरायली हमलों में मारे जा रहे निर्दोष लोगों की जान बचेगी, साथ ही वहां की 23 लाख आबादी के जीवन की मुश्किलें कम होंगी। इस समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की। व्हाइट हाउस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अरब मंत्रियों ने समझौते की सराहना की लेकिन कहा कि इसे पूर्ण युद्धविराम की दिशा में पहला कदम बनना चाहिए। इसके साथ महीनों-वर्षों से मामूली अपराधों में इजरायली जेलों में बंद फलस्तीनी महिलाओं और बच्चों की रिहाई संभव होगी। बदले में डेढ़ महीने से हमास के बंधक बने इजरायली नागरिकों की घर वापसी संभव होगी। इजरायल सरकार ने बताया है कि 50 इजरायली बंधकों की रिहाई संघर्षविराम के चार दिनों में होगी। इसके बाद हर दिन दस इजरायली बंधकों की रिहाई होने पर संघर्षविराम का एक दिन बढ़ता जाएगा। हमास जितने दिन दस बंधक रिहा करेगा, उतने ही दिन संघर्षविराम आगे बढ़ेगा। माना जा रहा है कि सात अक्टूबर को इजरायल से अगवा 240 लोग इस समय हमास के बंधक हैं। अगवा लोगों में से पांच महिलाओं को हमास ने अभी तक रिहा किया है जबकि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। छह घंटे के विचार-विमर्श से बुधवार सुबह इजरायली मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद समझौते पर संसद की भी स्वीकृति ली गई। कुछ औपचारिकताओं के बाद संघर्षविराम के गुरुवार सुबह से लागू होने की उम्मीद है। उसी के बाद गाजा में इजरायली सेना और हमास के लड़ाकों की लड़ाई रुकेगी और बंधकों-कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

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