इस डर से अमरपुर के लोगों ने 5 दिन पहले ही खेल ली होली,ये है मान्यता

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत अमरपुर में 5 दिन पहले रविवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान पूरा गांव रंगों से सराबोर हुआ और जमकर गुलाल व अबीर उड़ाए। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि यदि 5 दिन पहले होली नहीं खेली गई तो गांव में कोई न कोई अनहोनी जरूर होती है। अमरपुर के लोगों ने इस साल भी समय से पहले होली खेलकर इस डर को दूर किया।
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत अमरपुर में ग्रामीण पांच दिन पहले रंगों का त्योहार होली पर्व धूमधाम से मनाकर पूर्वजों की परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। होली पर्व से पहले गांव में बैठक कर होलिका दहन करते हैं। फिर अगले दिन विधि-विधान से देवल्ला में पूजा-अर्चना कर एक दूसरे को रंग-गुलाल और अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। पांच दिन पहले धूमधाम से होली पर्व मनाया गया। इस दौरान गांव के बुजुर्ग व युवा वर्ग फाग गीतों पर जमकर झूमते नजर आए। गांव में किसी प्रकार की अनहोनी को टालने हर साल पांच दिन पहले होली पर्व मनाया गया। हालांकि, वर्ष 2025 में भारतीय कैलेंडर के अनुसार होलिका दहन 13 मार्च और होली पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा। लेकिन अमरपुर में 5 दिन पहले होली खेलने की परंपरा हैं, जो कोरिया जिला सहित आसपास में बहुत प्रसिद्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को किसी प्रकार की अनहोनी से बचाने के लिए अमरपुर में पांच दिन पहले होली मनाई जाती है। यह पंरपरा बुजुर्गों ने बनाई है, जिसका हम सब निर्वहन कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार त्योहार 5 दिन पहले होली मनाने से गांव के किसी परिवार में अनहोनी और किसी प्रकार की अप्रिय घटना, हैजा-प्लेग सहित भयंकर बीमारियां नहीं आती है। गांव के लोगों को अनहोनी से बचाने के लिए वर्षों से पांच दिन पहले होली खेली जाती है।
बुजुर्गों ने बनाई है परंपरा
पूर्वजों ने वर्षों पहले होली को पहले मनाने का रिवाज बनाया है। इस कारण ग्रामीण अपने बुजुर्गों के बनाए नियम का पालन कर होली पर्व मनाते हैं। अमरपुर में वर्षों पहले बुजुर्गों की परंपरा को कायम रखा गया है। ग्रामीण ने पारंपरिक ढोलक, मंजीरे की थाप के साथ होली का त्योहार मनाते हैं।

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