एनआईए के डीएसपी ने कैसे की 20 लाख घूस की डील पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी के घर पर रेड से जुड़ा मामला

पटना, 0४ अक्टूबर ।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पटना शाखा के डीएसपी अजय प्रताप सिंह और उसके दो एजेंटों को गुरुवार को बतौर रिश्वत लिए गए 20 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने डीएसपी के विरुद्ध मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की। मामले की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि सभी को गया में ही रखा गया है। सीबीआई को एनआईए के डीएसपी अजय प्रताप सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत मिली थी। रमैया कंस्ट्रक्शन के मालिक व जदयू के पूर्व विधान पार्षद मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव ने एनआईए से जुड़े कांड में पटना शाखा के अनुसंधान पदाधिकारी (आइओ) रहे डीएसपी पर भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था।विदित हो कि कुछ दिन पहले जेडीयू की पूर्व एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव की कंपनी और ठिकानों पर एनआईए ने छापेमारी की थी।
इस दौरान डेढ़ करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद हुई थी। उस केस के आईओ डीएसपी अजय प्रताप सिंह थे। इसी मामले मे वे अपने एजेंट के माध्यम से रिश्वत लेने की कोशिश कर रहे थे। उनके द्वारा लगातार रिश्वत का दबाव बनाए जाने के बाद रॉकी ने सीबीआई से शिकायत की। इसके बाद सीबीआई ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया। सीबीआई से मिली जानकारी के अनुसार रॉ की यादव ने अपनी लिखित शिकायत में कहा था कि 19 सितंबर को उसके ठिकानों पर एनआईए द्वारा छापा मारा गया था। इस छापे के बाद एनआईए डीएसपी की एक नोटिस उन्हें मिली, जिसमें 26 सितंबर को एनआईए कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया गया था।

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