ओपन कास्ट खदान क्षेत्र में 35 से ज्यादा अवैध ईंट भटठे

चोरी के कोयले का ईंट पकाने में इस्तेमाल

कोरिया बैकुंठपुर। सरगुजा संभाग में सबसे बड़ा अवैध ईंट भटठे का उद्योग बड़ा बाजार के इंद्रा नगर में एसईसीएल की 10 एकड़ लीज भूमि पर 2 दशक से संचालित किया जा रहा है। इसके ठीक सामने एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र का ओपन कास्ट कोयला खदान है जहां से रोज रात चोरी का कोयला ईंट पकाने में उपयोग किया जाता है। बावजूद खनिज विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन आज तक कार्रवाई नहीं कर सका है।
अवैध लाल ईंट भ_े से रोजाना 5 से 6 ट्रक ईंट चिरमिरी समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में भिजवाई जा रही है। ईंट लेकर कंडम ट्रक चिरमिरी के मुख्य मार्गों से गुजरती हैं बावजूद इनपर कोई कार्रवाई नहीं होती है।खासबात यह है कि ईंट भटठे संचालक इसके लिए खनिज विभाग में रॉयल्टी तक नहीं दे रहे हैं। चोरी की बिजली, चोरी का कोयला और मुफ्त की जमीन पर संचालक अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। चिरमिरी में विभागीय अधिकारी छोटे ईंट भटठे पर तो कार्रवाई करते हैं लेकिन इंद्रा नगर के ईंट भ_ों पर कार्रवाई नहीं होती है। बता दें कि ओपन कास्ट खदान क्षेत्र में बड़ा बाजार से बरतुंगा तक लगभग 35 से ज्यादा अवैध ईंट भटठे संचालित हो रहे हैं जिनसे खनिज विभाग को करीब 20 लाख रुपए की रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है। अवैध ईंट का यह पूरा काम एसईसीएल के सुरक्षाकर्मी से लेकर अफसरों, खनिज विभाग के अफसरों की मिलीभगत से हो रहा है। वहीं ईंट पकाने व कोयले की आपूर्ति करने ईंट भट्ठा संचालक एसईसीएल खदानों से अवैध कोयला भी चोरी कराते हैं। ओसीपी चिरमिरी और इंद्रा नगर बड़ा बाजार से चिरमिरी थाना की दूरी एक किमी है, जबकि एसडीएम और तहसील कार्यालय 500 मीटर की दूरी पर संचालित हैं। एसईसीएल के अधिकारी और यूनियन नेताओं का आना-जाना इसी सडक़ से होता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। दूसरी ओर खनिज विभाग के अनुसार जिले में 6 लोगों को लाल चिमनी ईंट बनाने की अनुमति दी गई है।
चोरी की बिजली और पानी का हो रहा अवैध उपयोग
चिरमिरी ओसीपी से हर महीने में 15 टन से अधिक चोरी का कोयला इंद्रा नगर में संचालित अवैध ईंट भट्ठा में ईंट पकाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यहां पर्यावरण विभाग, खनिज विभाग समेत राजस्व विभाग की नजर नहीं पड़ती है। यहां रॉयल्टी क्लीयरेंस का भी मामला नहीं आता, जबकि अवैध तरीके से मिट्टी, कोयला, चोरी की बिजली और पानी का उपयोग किया जा रहा है।
बैकुंठपुर 7 ईंट बनाने के पर्यावरण विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। अनुमति के बिना ईंटा बनाना गैरकानूनी है लेकिन जिले में 100 से अधिक छोटे-बड़े ईंट भट्टों का संचालन बिना अनुमति के किया जा रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि कोयला, पानी, मिट्टी, चोरी की बिजली का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। आधा दर्जन से अधिक ईंट भट्टे तो कलेक्ट्रेट कार्यालय से दो किमी के दायरे में ही संचालित हैं। इनके खिलाफ आज तक कार्रवाई नहीं की गई। वहीं जिले के चिरमिरी, मनेंद्रगढ़ सहित ब्लॉक सोनहत, खडग़वां, जनकपुर में भी अवैध ईंट भ_ों का संचालन हो रहा है। खनिज विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है लेकिन अवैध ईंट भ_ों पर कार्रवाई करने में लापरवाही हो रही है लेकिन जिले में पूरा खेल सेटिंग पर चल रहा है।

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