करोड़ों खर्च फिर भी पार्क बदहाल स्थिति में

जांजगीर । शहर में रहने को तो आधा दर्जन से अधिक पार्क बनाए गए है। लेकिन पालिका का ध्यान मात्र एक ही बीडीएम गार्डन पर है। जिसमें ही करोड़ों रुपए खर्च संवारा जा रहा है। वहीं अन्य पार्कों को झांकने तक की फुर्सत पालिका के पास नहीं है। दिनभर गुलजार रहने वाले पटेल व वसुंधरा उद्यान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इन पार्को में घुटने भर तक पानी भरा हुआ है। पानी निकासी तक नहीं किया जा रहा है। ज्ञात हो कि शहर के पार्क नगर पालिका की अनदेखी का शिकार है, जब भी बरसात आती है तो शहर के वसुुंधरा, पटेल सहित अन्य पार्क तलाब बन जाता है व कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं होती। हालांकि यह पार्क आसपास के इलाकों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है लेकिन वर्षों से पार्क का खुद का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, क्योंकि पानी भरने से पार्क का सब कुछ खत्म हो जाता है। अब भी बरसात के कारण पटेल उद्यान पानी से लबालब भर हुआ है। पार्क में अभी भी इतना पानी खड़ा है कि लोगों के बैठने के लिए लगी कुर्सियां तक पानी में डूबी पड़ी है। शहरवासियों ने बताया कि पार्क में भरा पानी अब तो बदबू मारने लगा है, जिस कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में बने पार्क पालिका प्रशासन की लापरवाही और कमजोर निगरानी के कारण बदहाल के शिकार हैं। पार्कों के सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए सरकारों द्वारा फंड की व्यवस्था अलग की जाती है। इसके बावजूद भी पार्कों का कायाकल्प नहीं पा रहा है। पालिका का एकमात्र बीडीएम गार्डन पर ही ध्यान दे रही है। इसमें लाखों रुपए खर्च कर संवारा जा रहा है। लेकिन अन्य पार्को की बदहाली पर झांकने तक की फुर्सत नहीं है। वहीं शुरूआत में अन्य पार्को में लाखों रुपए किया गया अब देखरेख के अभाव में वह भी पानी में बहता नजर आ रहा है। शहरवासी अब एकमात्र बीडीएम गार्डन में ही नजर आ रहे है, बाकी गार्डन में सन्नाटा पसरा रहता है। पटेल व वसुंधरा उद्यान वर्तमान में बदहाली का शिकार होता जा रहा है। पार्क को आकर्षक बनाए जाने के लिए लाखों की लागत से लगवाए गए पौधे सूखकर नष्ट हो चुके हैं, साथ ही कई पौधे आज भी सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। फाउंटेन, कुर्सी, झूला अब धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहा है। इसी के साथ ही पार्क में नियमित सफाई नहीं कराए जाने के कारण कचरे के ढेर भी लगते जा रहे हैं। जबकि कुछ माह पूर्व ही पार्क में करोड़ों की लागत से मेंटेनेंस कार्य कराया गया था, इसके बावजूद भी पार्क की देख-रेख के पर्याप्त इंतजाम नहीं कराए जा रहे हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के भी इंतजाम नहीं कराए जाने के कारण आसामाजिक तत्वों द्वारा पार्क की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है फिर भी पालिका प्रशासन उदासीन बना हुआ है। शहरवासियों ने बताया कि वसुंधरा उद्यान में कलेक्टर ऑफिस के आसपास के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते थे। वहीं पटेल उद्यान शहर के बीच में होने से दिन व रात में गुलजार रहता था। लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा रहता है। जहां अब बच्चों का खेलना व लोगों का सैर करना बंद हो गया है, वहीं पार्क में पानी भरा रहने से हादसे की आशंका भी बन जाती है। पानी भरा रहने से बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी रहती है, क्योंकि पार्क के आसपास रिहायशी इलाका व ऑफिस है। पानी जमा रहने से मच्छर पैदा होने शुरू हो गए है। कई जगहों पर जलभराव की समस्या है व धीरे-धीरे पानी की निकासी करवाई जा रही है। यहां से जल्द पानी की निकासी करवा दी जाएगी। चंदन शर्मा, सीएमओ, नपा जांजगीर-नैला

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