कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने दी पार्टी को नसीहत, बोले- कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या जाने में नहीं होनी चाहिए झिझक

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने शुक्रवार को कहा कि विवादित ढांचे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 22 जनवरी को रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा पर होने वाले समारोह में शामिल होने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए सुंदर निमंत्रण मिला है। लेकिन वह चिकित्सा कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह उत्सव दुनियाभर में लगभग एक अरब हिंदुओं द्वारा मनाया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक बयान में कहा कि एक रघुवंशी के रूप में इस समारोह में शामिल होना बहुत खुशी की बात होती। अफसोस की बात है कि 93 साल की उम्र के करीब मेरे लिए चिकित्सा आधार पर ऐसा करना संभव नहीं होगा।उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने 11 लाख रुपये का छोटा-सा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि हमारा परिवार धर्मार्थ ट्रस्ट (जम्मू-कश्मीर) इस अवसर पर जम्मू में हमारे प्रसिद्ध श्रीरघुनाथ मंदिर में एक विशेष उत्सव का आयोजन कर रहा है। हम लोधी रोड पर अपने श्रीराम मंदिर में भी छोटे पैमाने पर ऐसा कर रहे हैं।

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