गाजा में बत्ती गुल, खाने-पीने के सामान खरीदने के लिए लंबी कतारें, बिजली संकट से अस्पतालों का बुरा हाल

यरूशलम, १३ अक्टूबर । इजरायली सेना के हमलों से गाजा में फलस्तीनियों की जिंदगी मुहाल हो गई है। बिजली नहीं होने के कारण वहां रात में लगभग पूरी तरह अंधेरा है और तबाह हुई इमारतों के निवासियों को पड़ोस के खंडहरों में रात बितानी पड़ी है। इजरायली सेना के जमीनी हमले के डर से गाजा में लोग खाने-पीने की चीजें खरीदने के लिए दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में लगे दिखे। अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि इजरायल द्वारा गाजा में खाने-पीने के सामान, पानी, ईंधन और बिजली आदि की आपूर्ति रोके जाने के बाद इलाके में मौतों की संख्या बढ़ सकती है। गाजा को मिस्र से जोडऩे वाला मार्ग पहले ही बंद हो चुका है। इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेच्ट ने गुरुवार को कहा कि सेना जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व ने अब तक इस संबंध में आदेश नहीं दिया है। गाजा महज 40 किलोमीटर लंबी पट्टी है, जिसमें लगभग 23 लाख लोग रहते हैं। इजरायल के हवाई हमलों से हुए विनाश से डरे फलस्तीनी अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश कर रहे हैं। हजारों की भीड़ ने संयुक्त राष्ट्र्र द्वारा संचालित स्कूलों में शरण ली है, जबकि अन्य ने अपने रिश्तेदारों और यहां तक कि अनजान लोगों के यहां भी शरण ली है। बेकरी और किराने की दुकानें कुछ ही घंटे खुल रही हैं। इस दौरान लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र वल्र्ड फूड कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि गाजा में खाद्य सामग्री और ताजा पानी तेजी से खत्म हो रहे हैं। गाजा का एकमात्र बिजली संयंत्र भी ईंधन की कमी की वजह से बुधवार को बंद हो गया था जिससे अब गाजा बिजली के लिए कुछ जेनरेटरों पर निर्भर है। रेडक्रास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि बिजली की कमी से अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा सकती है। रेडक्रास के क्षेत्रीय निदेशक फैब्रिजियो कार्बोनी ने कहा, गाजा में बिजली चली गई है, अस्पतालों में बिजली नहीं आ रही है, जिससे इनक्यूबेटर में रखे गए नवजात और आक्सीजन के सहारे सांस ले रहे उम्रदराज मरीजों के जीवन को खतरा उत्पन्न हो गया है। डायलिसिस भी बंद है, एक्स-रे भी नहीं हो पा रहे हैं। बिजली के बिना अस्पतालों के मुर्दाघर में तब्दील होने का खतरा है। डाक्टर्स विदाउट बार्डर्स के गाजा में मौजूद अधिकारी मैथियास कान्स ने कहा कि गाजा पट्टी के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा में केवल तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति के लिए ईंधन है। गाजा में उसके द्वारा चलाए जा रहे दो अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण, एंटीबायोटिक्स, ईंधन और अन्य आपूर्ति खत्म हो रही है। तीन सप्ताह का आपातकालीन सामान तीन दिनों में समाप्त हो गया है। फलस्तीन रेड क्रीसेंट ने कहा कि अन्य अस्पतालों के जनरेटर पांच दिनों में बंद हो जाएंगे। इजरायली नाकेबंदी के कारण 6.5 लाख से अधिक लोगों के लिए पानी की भी गंभीर कमी हो गई है। सीवेज प्रणालियां नष्ट हो गई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। मिस्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गाजा में मदद पहुंचाने के लिए मानवीय गलियारा बनाने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि 24 घंटों के दौरान विस्थापित हुए लोगों की संख्या में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या 3.39 लाख तक पहुंच गई है। इनमें से दो तिहाई संयुक्त राष्ट्र के स्कूलों में शरण लिए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय ने बताया कि इजरायली हमलों में शनिवार से अब तक 1,000 घर ध्वस्त हुए हैं और 560 अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं जो अब रहने लायक नहीं हैं। ——————

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