
लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चंपा के 8 विधानसभा से भाजपा का सुपड़ा साफ
जांजगीर चांपा। विधानसभा चुनाव में जांजगीर चांपा और सक्ती जिले के सभी छह विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जांजगीर-चांपा विधानसभा से सीट से भाजपा के दिग्गज नेता और छग विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और अकलतरा के भाजपा प्रत्याशी सौरभ सिंह भी चुनाव हार गए। जांजगीर- चांपा जिले में एक भी मौजूदा विधायक चुनाव नहीं जीत सके जबकि सक्ती जिले में सक्ती विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी डा. चरण दास महंत और चंद्रपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी रामकुमार यादव दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे। जांजगीर-चांपा जिले के विधानसभा सीट जांजगीर चांपा में कांग्रेस के ब्यास कश्यप ने भाजपा के कद्दावर नेता नारायण चंदेल को परास्त किया। ब्यास कश्यप को 72 हजार नौ सौ वोट मिले जबकि भाजपा के नारायण चंदेल को 65 हजार 929 वोट मिले। वहीं अकलतरा विधानसभा में मौजूदा भाजपा विधायक सौरभ सिंह को उनके परिवार के भतीजे और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने 22 हजार 798 मतों से पराजित किया। राघवेंद्र को 80 हजार 83 वोट मिले जबकि सौरभ सिंह को 57 हजार 285 वोट मिले। यहां जकांछ प्रत्याशी ऋचा जोगी को 16 हजार 253 वोट मिले। पामगढ़ अनुसूचित जाति सीट से कांग्रेस की शेषराज हरवंश ने भाजपा के संतोष लहरे को परास्त किया। जबकि बसपा प्रत्याशी और मौजूदा विधायक इंदू बंजारे तीसरे स्थान पर रहीं । शेषराज हरवंश को 63 हजार 963 वोट मिले जबकि भाजपा के संतोष लहरे को 47 हजार 789 वोट मिले। मौजूदा विधायक इंदू बंजारे को 29 हजार 259 वोट मिले। इधर सक्ती जिले के विधानसभा सक्ती में विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने भाजपा के डा. खिलावन साहू को परास्त किया और यहां से दूसरी बार विधायक बने। चंद्रपुर से रामकुमार यादव ने भाजपा की संयोगिता सिंह जूदेव को हराया और वे भी यहां से दूसरी बार जीत कर अपनी सीट सुरक्षित रखने में कामयाब हुए। जबकि जैजैपुर विधानसभा में लगातार दो बार बसपा से विधायक रहे केशव चंद्रा भी चुनाव हार गए यहां कांग्रेस के
बसपा नहीं बचा सकी वजूद
अविभाजित जांजगीर-चांपा जिले में बसपा को 2018 के चुनाव में पामगढ़ और जैजैपुर की सीट पर जीत मिली थी मगर दोनों ही जगह बसपा को इस बार हार का सामना करना पड़ा। पामगढ़ और जैजैपुर दोनों सीटों पर बसपा तीसरे स्थान पर रही। पामगढ़ में बसपा के दाऊराम रत्नाकर 13 साल और दूजराम बौद्ध पांच साल विधायक रहे। वहीं 2018 में बसपा की इंदू बंजारे यहां चुनाव जीतीं थी। जबकि जैजैपुर में केशव चंद्रा 2013-2018 में चुनाव जीत कर 10 साल इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किए हैं।
मतगणना का परिणाम जानने मोबाइल और टीवी पर ही टिकी रहीं निगाहें
कल सुबह से ही कौन आगे चल रहा है, किसे कितना वोट मिला, कौन हार रहा है, किसकी सरकार बन रही है, सुबह से शाम तक लोग यह जानने के लिए बेताब नजर आए। लोगों की निगाहें मोबाइल और टेलीविजन पर ही लगी रही। लोग मोबाइल-टीवी में पल-पल का रुझान लेते रहे। चौक-चौराहों पर ही सुबह से शाम तक केवल यही चर्चा होती रही कि क्या अपडेट हैं।
कांग्रेसियों में हर राउंड के साथ बढ़ता गया उत्साह
जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में इस बार कांग्रेस को जबरदस्त जीत मिली है। छहों विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। अधिकांश सीटों में पहले राउंड से ही सभी जगहों पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुई थी और बढ़त का यह सिलसिला अंतिम राउंड का जारी रहा। ऐसे में हर राउंड में बढ़त के साथ ही कांग्रेसियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा था। हालाकि प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति इस बार उलट रही। इसको लेकर जिले में जीत के बाद भी कांग्रेसियों में मायूसी भी नजर आई। सुबह 8.30 बजे से रूझान भी बाहर आने लगा। इसी के साथ रिजल्ट जानने का सिलसिला भी शुरु हो गया। लोग मोबाइल-टेलीविजन से चिपके रहे। इतना ही नहीं मोबाइल से एक-दूसरे से फोन कर भी हार- जीत का अंतर पूछते रहे। साथ ही चौक-चौराहों पर ही केवल मतगणना की ही बातें होती रही। बीच-बीच में अपने दल और प्रत्याशियों के बढ़त की जानकारी मिलने पर आतिशबाजी और ढाले- ताशों में थिरकते भी नजर आए। जीत मिलने के बाद जमकर आतिशबाजी भी हुई। मुंह मीठा कराने का भी दौर चला। वहीं कुछ जगहों पर हार मिलने के बाद कार्यकर्ताओं में मायूसी भी नजर आई।
डाक मत पत्रों में हारे व्यास
जांजगीर-चांपा जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में डाक मत पत्र और ईटीपीबीएस से डाले गए मतों में से 281 मत रिजेक्ट हो गए। डाक मत पत्र और ईटीपीबीएस की सुविधा शासकीय कर्मचारी व सेवा मतदाताओं को दी गई थी। पामगढ़ विधानसभा में कुल 909 लोगों ने इस सुविधा से लोगों ने मतदान किया था जबकि जांजगीर-चांपा में 1247 लोगों ने वोट दिए थे। इसी तरह अकलतरा में 1010 शासकीय कर्मचारियों ने इन माध्यमों से मतदान किया था। तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 281 वोट रिजेक्ट हो गए। अकलतरा में कांग्रेस को इस श्रेणी के 416 वोट मिले जबकि भाजपा को 287 वोट मिले। इसी तरह जांजगीर-चांपा विधानसभा में सरकारी कर्मचारी अधिकारियों ने भाजपा को 571 और कांग्रेस को 445 वोट दिए। बसपा को भी यहां 83 वोट मिले जबकि पामगढ़ में बसपा को 248, कांग्रेस को 274 और भाजपा को 227 वोट मिले। अधिकारी कर्मचारी भी वोट डालने में चूक कर गए और तीनों विधानसभा में 281 वोट रिजेक्ट हुए। जो अधिकारी कर्मचारी लगातार आम जनता को मतदान करने के लिए जागरूक करते रहे और उन्हें कैसे वोट डालना है वे भी सिखाते रहे वही अधिकारी कर्मचारी जब खुद की वोट डालने की बारी आई तो चूक कर गए।
अपने ही बूथ में हार गए नारायण चंदेल
जांजगीर-चांपा विधानसभा के बूथ क्रमांक 79 सबसे चर्चा का विषय रहा। यहां जांजगीर- चांपा विधानसभा के दोनों प्रत्याशी भाजपा के नारायण चंदेल व कांग्रेस के ब्यास कश्यप एक ही बूथ के वोटर रहे हैं। इस बूथ में 768 वोट है। जिसमें ब्यास कश्यप को सर्वाधिक वोट 348 मत मिला। वहीं भाजपा के नारायण चंदेल को मात्र 240 वोट मिले। ब्यास कश्यप ने नारायण चंदेल को 108 वोटों से अपने ही वार्ड में पराजित किए है।





























