
कोलकाता, ०६ दिसम्बर । मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को तीन राज्यों में कांग्रेस की हार पर हमला बोला है। ममता ने कहा कि कांग्रेस विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए के सदस्यों के साथ सीट-बंटवारे की व्यवस्था की कमी के कारण तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हारी है। ममता के बयान के बाद इंडिया गठबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं। ममता ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की हार है, लोगों की नहीं। कांग्रेस ने तेलंगाना जीत लिया है। वे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जीत सकते थे। कुछ वोट विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए की पार्टियों ने काटे। यह सच है। हमने सीट-बंटवारे की व्यवस्था का सुझाव दिया था। वोटों के बंटवारे के कारण कांग्रेस हार गई।ममता ने कहा कि विचारधारा के साथ-साथ आपको एक रणनीति की भी जरूरत है। अगर सीट-बंटवारे की व्यवस्था बनेगी, तो भाजपा 2024 में सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन अगले साल आम चुनाव से पहले मिलकर काम करेगा और गलतियों को सुधारेगा। हम गलतियों से सीखेंगे।ममता की यह टिप्पणी कांग्रेस को तीन प्रमुख राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हार का सामना करने के बाद आई है। ममता ने कहा कि कांग्रेस मिजोरम में सभी 40 सीटों पर चुनाव लडऩे के बाद सिर्फ एक सीट जीतने में सफल रही। उसकी एकमात्र जीत तेलंगाना में है, बाकी सभी जगहों पर हार गई है। विधानसभा चुनाव के इस दौर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने कई सीटों पर अलग-अलग चुनाव लड़ा था। कई लोगों ने बताया है कि इससे वोटों में विभाजन हुआ और भाजपा को फायदा हुआ है। आईएनडीआईए (इंडिया गठबंधन) के कई सहयोगियों ने चुनावों से पहले खुद को दूर करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। जनता दल-यूनाइटेड के केसी त्यागी ने कहा कि कांग्रेस ने गठबंधन की अन्य पार्टियों को नजरअंदाज किया, लेकिन वह अपने दम पर जीतने में असमर्थ रही। केरल के मुख्यमंत्री और सीपीएम नेता पिनाराई विजयन ने कहा कि हिंदी पट्टी में भाजपा से मुकाबला करते समय साथ मिलकर लडऩा जरूरी है। ———————




















