देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के नए वेरिएंट के मामले डब्ल्यूएचओ ने किया सतर्क, केरल में 24 घंटे में 265 नए केस, एक मौत

नईदिल्ली, 2२ दिसम्बर । कोरोना वायरस के जेएन.1 वेरिएंट पर बढ़ती चिंताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने जनता को आश्वस्त किया है कि अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्वामीनाथन ने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने तनाव को रुचि के प्रकार के रूप में वर्गीकृत किया है, चिंता के प्रकार के रूप में नहीं। उन्होंने कहा, हमें सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे पास यह सुझाव देने के लिए कोई डेटा नहीं है कि यह वेरिएंट जेएन.1 अधिक गंभीर है या यह निमोनिया….हमारे पास कोई डेटा नहीं है कि इनमें से कौन अधिक मृत्यु का कारण बनने वाला है। स्वामीनाथन ने कहा, मुझे लगता है कि हमें जो करने की जरूरत है, वह सामान्य निवारक उपाय करने की कोशिश करना है, जिससे हम सभी अब परिचित हैं। हम ओमीक्रॉन से परिचित थे, इसलिए यह एक ही परिवार है। इसलिए बहुत कुछ नहीं बदला है लेकिन 1 या 2 नए उत्परिवर्तन आए हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि आइए इस पर नजर रखें। यह रुचि का एक प्रकार है। यह चिंता का एक प्रकार नहीं है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, केरल में 21 दिसंबर को कोविड-19 के 265 नए मामले सामने आए और कोविड-19 से एक मौत दजऱ् की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि केरल में 20 दिसंबर को कोविड-19 छ्वहृ.1 वेरिएंट से प्रभावित 300 नए एक्टिव मामले सामने आए हैं। बीते दिनों में इस वेरिएंट के कारण कुछ लोगों की मौत भी हुई है। देश में फिलहाल कोविड-19 के सक्रिय मामलों की बात की जाए तो यह 2,669 के करीब पहुंच गई है।

RO No. 13467/11