
एक ने लगाई फांसी
कोरबा। संदिग्ध रूप से मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उरगा क्षेत्र में आज ऐसे दो मामले प्रकाश में आए। एक मृतक का शव नहर से बरामद किया गया जबकि दूसरे ने मड़वारानी क्षेत्र में खंभे से लटककर खुदकुशी कर ली। कोरबा के रामपुर बस्ती निवासी विजयकांत यादव उर्फ मोनू पिता महेश्वर यादव 31 वर्ष दो दिन से लापता था। परिजन यहां-वहां उसकी तलाश कर रहे थे। स्थानीय पुलिस को खबर दी गई थी जिस पर आगे का काम जारी था। इस बीच आज सुबह बरीडीह के पास हसदेव शाखा नहर के गेट पर एक शव मिला। पुलिस ने आसपास के लोगों के माध्यम से शव निकलवाया। कोरबा से पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान विजयकांत के रूप में की। माना जा रहा है कि कोरबा में डूबने के बाद शव बहकर बरडीह तक पहुंच गया होगा। इसी तरह मड़वारानी के पास खंभे से लटककर धनसिंह यादव पिता पटवारी यादव 30 वर्ष निवासी मड़वारानी ने खुदकुशी कर ली। दोनों मामलों में इस तरह की जानकारी मिली है कि संबंधित लोग शराब के शौकीन थे और इसी चक्कर में यह घटना हुई है। 174 सीआरपीसी के अंतर्गत पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
अवसाद सबसे बड़ी वजह
ग्रामीण क्षेत्रों में खुदकुशी करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके पीछे अवसाद को अहम कारण माना जा रहा है। ऐसे लोग शराब का उपयोग करते हैं और फिर जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। काउंसलिंग के दौरान कुछ लोगों को बचाया गया है जिसमें यही बात सामने आई कि टेंशन के कारण वे जीना नहीं चाहते। ऐसे मामलों में व्यापक परामर्श की जरूरत है। -युवराज तिवारी, टीआई, उरगा





















