
जांजगीर-चांपा। दिवाली के दौरान लगने वाली पटाखा दुकानों का संचालन इस बार भी कपड़े और बांस बल्ली के टेंट में नहीं किया जाना है। लोहे के पाईप या एंगल के सहारे टिन शेड बनाकर पटाखा दुकान बनाया जाना है ।
मगर मगर जिला मुख्यालय जांजगीर के हाईस्कूल मैदान में लगने वाली पटाखा दुकानों के लिए जिला सेनानी नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाऐं जांजगीर द्वारा जारी नियमों को दर किनार कर कपडे और बांस बल्ली की दुकानें तैयार की जा रही है। ऐसे में एक चिंगारी तबाही मचा सकती है।दो साल पहले एक पटाखा दुकान में आग भी लग गई थी।
पटाखा दुकानों के लिए जिला मुख्यालय जांजगीर के हाईस्कूल मैदान में तैयारी शुरू हो गई है। नगर पालिका के द्वारा व्यापारियों को दुकानों का नंबर भी आबंटित कर दिया गया है। हाईस्कूल मैदान में करीब 60 से अधिक दुकानें लगेंगी। मगर पटाखा दुकानों के निर्माण में इस बार अग्निशमन एवं जिला सेनानी नगर सेना द्वारा जारी किए गए नियम शर्तों को दरकिनार कर नगर पालिका के द्वारा दुकानों का निर्माण कपडे और बांस बल्ली से कराया जा रहा है।
जबकि आदेश में लिखा है कि कपड़े और बांस बल्ली के टेंट में दुकान नहीं लगाया जाना है। पटाखा दुकानों पर पांच किलो क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है। पटाखा दुकानों में किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी, टेंट इत्यादी का न होकर, अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए।
तीन मीटर की दूरी जरूरी मगर यहां एक फीट भी नहीं
पटाखा दुकान एक-दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी पर एवं एक – दूसरे के सामने न बनाई जाए। पटाखा दुकानों में प्रकाश की व्यवस्था के लिये किसी भी प्रकार के तेल का लैम्प, गैस लेम्प एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होनी चाहिए। विद्युत तारों में ज्वाईन्ट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिए, जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वत: बंद हो जाए। दुकाने ट्रांसफार्मर के पास न हो और उनके उपर से हाईटेंशन पावर लाईन न गुजरती हो।
पटाखा दुकान लगाने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाऐं विभाग द्वारा जारी नियमों की जानकारी नहीं है। यदि नियम के तहत दुकान नहीं बनाए गए हैं तो उसमें सुधार कराया जाएगा।
राजकुमार मरावी
तहसीलदार, जांजगीर























