नेताजी चौक में प्रतिमा की जगह बैरिकेट्स ने ले लिया है स्थान

सीताराम नायक
जांजगीर चांपा। जांजगीर नैला शहर के हृदय स्थल पर स्थित नेताजी चौक से स्टैचू हटाने के बाद अब इस स्थान पर यातायात विभाग की बैरिकेट्स शोभा बढ़ा रही है जो पहले की तुलना में अधिक लोगों के लिए खतरा हो गया है
वहीं नेताजी की प्रतिमा को किनारे में स्थापित किए जाने से वह पूरी तरह दब गया है जो रात के अंधेरे में गुमनाम व्यक्ति की तरह उसे बदहाल छोड़ दिया गया है। इतना ही नहीं बल्कि नेताजी के स्टैचू के सामने अब लोग रिक्शा स्टैंड बना लिए हैं नतीजा यह है कि शहर का खूबसूरत चौक अपनी बदहाली का स्वरूप लेने लगा है।
जांजगीर नैला के नेताजी चौक में इसके पूर्व बहुत खूबसूरत प्रतिमा की स्थापना वर्षों पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण के द्वारा किया गया था।किंतु नगर पालिका के वर्तमान परिषद को यह पसंद नहीं आया बल्कि पुराने खूबसूरत प्रतिमा के स्थान पर नया प्रतिमा लगा दिया गया है जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी के चेहरे से कम मेल खाता है, इतना ही नहीं बल्कि जिस जगह पर प्रतिमा की स्थापना की गई है तब से वे पूरी तरह उपेक्षित पड़े हुए है। यहां न तो प्रकाश है और ना ही किसी को पता चलता है कि यहां सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जबकि इस चौक पर यह कार्य करने की आवश्यकता ही नहीं थी । लेकिन भ्रष्टाचार करने की नीयत से खूबसूरत स्टैचू के स्थान पर दूसरा स्टैचू यहां लगा दिया गया है। वर्तमान में जिस जगह पर सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है वह पूरी तरह से उपेक्षित है । जिनके सामने लोग मोटरसाइकिल एवं रिक्शा आदि खड़ी कर स्टैंड बना लिए हैं।
इस प्रतिमा को कम ऊंचाई पर स्थापित किया गया है जिसके कारण इस देशभक्त व महापुरुष की प्रतिमा होने का पता किसी को नहीं चलता। इसको कम से कम 5 फीट ऊपर उठने की आवश्यकता है।
सबसे दुखद बात यह है कि नगर पालिका परिषद जांजगीर नैला के द्वारा जिस स्थान पर से सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को हटाया गया है उस स्थान पर अब पुलिस विभाग का बैरिकेट्स रख दिया गया है जिसकी चौड़ाई एवं ऊंचाई के कारण सामने दिशा से आने वाले लोगों नहीं दिखते जो दुर्घटना का प्रमुख कारण बन गया है।
जबकि बहुत ही कम स्थान पर इस जगह सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा लगाया गया था। नगर पालिका के अध्यक्ष एवं पार्षदगण प्रतिमा के पास के अंधेरे को नहीं देख पा रहे हैं नतीजा यह है कि जहां महापुरुष की उपेक्षा हो रही है वहीं चौक में बैरिकेट्स रखने से रोजाना लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, लोगों का जान जोखिम में जरूर हो गया है जिसके लिए जनप्रतिनिधियों को ध्यान देने की जरूरत है।

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