
पीथमपुर 04 जनवरी। पीथमपुर के रामकी कंपनी में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने को लेकर शनिवार सुबह भी विरोध जारी रहा। कंपनी के करीब तारपुरा पहाड़ी के करीब ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने इस पर आंसू गैस के गोले छोडक़र उन पर काबू पाने की कोशिश की। पथराव में पुलिस वाहन के कांच फोड़ दिए गए। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं। पीथमपुर की जनता विरोध दर्ज करते हुए अब प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताने लगी है। पीथमपुर के प्रमुख व गणमान्य ही नहीं बल्कि श्रमिक, रहवासी, बुजुर्ग, महिलाएं युवा और बच्चे भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने। देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।बरदरी में शाम को पुलिस ने जाम खुलवाया था, पर लोगों ने फिर से रास्ता जाम कर दिया। साथ ही धन्नड़ में देर रात तक विरोध करने के लिए लोग रास्ता जाम कर जमा रहे। इस दौरान पुलिस भी तैनात रही। रात करीब नौ बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए। पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पत्थर चलाए। साथ ही पुलिस वाहनों में भी तोडफ़ोड़ की।
भोपाल के यूनियन कार्बाइड कंपनी परिसर में 40 सालों से रखा रासायनिक कचरा 12 कंटेनरों में गुरुवार तडक़े पीथमपुर पहुंचा। इसके बाद से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा विरोध धीरे-धीरे उग्र होने लगा। विरोध रैली के बाद से पीथमपुर बस स्टैंड पर संदीप रघुवंशी का आमरण अनशन शुरू हो गया था जिसका समर्थन करने के लिए देर रात तक रतलाम के सैलाना के विधायक, सहित पीथमपुर के कई लोग पहुंच चुके थे और रातभर वहीं रहे। पीथमपुर बंद करने के लिए नगरवासी पहले से तैयारी कर रहे थे और इसके लिए सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार भी किया था। शुक्रवार सुबह से लोग बस स्टैंड पर जमा होने लगे, वहीं अलग-अलग समूह में लोग महू-नीमच मार्ग पर रास्ता जाम करने का प्रयास कर रहे थे।


































