
सीतापुर। सरगुजा जिले का सीतापुर विधानसभा सीट कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता था। अब तक हुए चुनाव में यहां से भाजपा को कभी जीत नहीं मिली थी। दो बार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जरूर यहां से जीत दर्ज कर ली थी लेकिन भाजपा को पहली जीत का इंतजार था।सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सूखे को सैनिक रामकुमार टोप्पो ने समाप्त कर दिया है। सीतापुर विधानसभा के इतिहास में पहली बार भाजपा को जीत मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से अमरजीत भगत सीतापुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे थे। पिछले चार चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी। यह उनका पांचवा चुनाव था।इस चुनाव में जीत दर्ज कर अमरजीत भगत नया रिकार्ड बनाने की मंशा से चुनाव मैदान में उतरे थे। भाजपा ने यहां पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो को पहली बार चुनाव मैदान में उतारा था। रामकुमार टोप्पो 13 वर्षों तक सेना में सेवा देने के बाद राजनीति में आए थे। उनके चुनाव मैदान में उतरने मात्र से ही सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक माहौल बदल गया था। युवाओं के साथ समाज के सभी वर्गों का समर्थन नए प्रत्याशी रामकुमार टोप्पो को मिला। इसका असर यह हुआ कि सीतापुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने पहली जीत दर्ज कर ली। रामकुमार टोप्पो की हर रैली में जबरदस्त भीड़ उमड़ती थी। वे बार – बार यही कहते थे कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें पत्र लिखकर चुनाव लडऩे के लिए आमंत्रित किया था,इसलिए वे सेना की नौकरी छोड़ जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं।























