बजट तक सिमटा सडक़ सुधार कार्य, बदहाली से परेशानी

शिवरीनारायण। शिवरीनारायण से तुस्मा, तेंदुआ, कटौद, खैरताल पहुंच मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सडक़ के चौड़ीकरण और मरम्मत के लिए दो साल पहले वर्ष 2022 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी। बजट में घोषणा होने के बाद राशि स्वीकृत तो हो गई लेकिन पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और पहले विधानसभा उसके बाद अब लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता के चलते ठंडे बस्ते में चला गया है। ऐसे में बजट में घोषणा के दो साल बाद भी सडक़ की स्थिति जस की तस है।
सडक़ खराब होने की वजह से शिवरीनारायण से खैरताल तक 12 किलोमीटर का सफर तय करने में करीब एक घंटे का समय लग जाता है। बरसात के दिनों में इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। सडक़ पर हुए बड़े बड़े गड्ढों में पानी भरने से लोगों की परेशानी और बढऩे वाली है। शिवरीनारायण नगर बड़ा व्यापारिक केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरकर खरीदी करने नगर में आते हैं। एक माह बाद स्कूल कालेज भी खुल जाएंगे। आस पास के गांव के बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करने शिवरीनारायण के स्कूल व कालेज आते हैं उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।12 किलोमीटर की इस सडक़ में जगह जगह पर दरारें और बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। कुछ स्थानों पर सडक़ दब भी गई है। जिससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सडक़ खराब होने की वजह से आए दिन दुर्घटना भी होते रहती है। लेकिन पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारियों को लोगों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। सडक़ सुधारने की दिशा में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहें हैं।
गड्ढों की कराई जा सकती है मरम्मत
शिवरीनारायण से खैरताल तक जर्जर सडक़ के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए शासन से स्वीकृति तो मिल गई है मगर वित्तीय स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में जब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल जाती है और टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू नहीं हो जाता है तब तक मार्ग में बने गड्ढों की मरम्मत कराई जा सकती है। इससे भी लोगों को आवागमन में थोड़ी सुविधा जरूर मिल सकेगी । इसके लिए जिला प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
शिवरीनारायण से खैरताल तक सडक़ चौड़ीकरण के लिए लगभग 18 करोड़ रुपए का स्टीमेट भेजा गया था। वित्तीय स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया आचार संहिता के चलते पूरी नहीं हो सकी है। आचार संहिता हटने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
प्रवीण कुमार गौतम
इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी शिवरीनारायण

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