
कोरबा। कोरबा जिले में संचालित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएसपीएम) में मुख्य अभियंता भवन में संचालित कंप्यूटर सेक्शन सहित तीन स्थानों में अज्ञात चोर ताला तोड़ कर घुस गए और सामानों की चोरी कर ली। इस घटना से संयंत्र की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की सूचना सीएसईबी पुलिस को दी गई है। विद्युत कंपनी के कोरबा पूर्व में संचालित डीएसपीएम संयंत्र में शनिवार व रविवार की रात हुई। दरअसल शनिवार व रविवार को अवकाश था। हालांकि शनिवार को कुछ अधिकारी कार्यस्थल आते हैं और आवश्यक कामकाज निपटा कर दोपहर को वापस लौट जाते हैं। इसके बाद सीधे सोमवार को ही संयंत्र पहुंचते हैं। चोरों ने इसका फायदा उठाया। बताया जा रहा है कि मुख्य अभियंता भवन के नीचे हिस्से में कंप्यूटर सेक्शन संचालित है। यहां ताला तोड़ कर अज्ञात चोरों ने आलमारी खोली और उसमें रखे सामान को निकाला। साथ ही फाईलों को अस्त व्यस्त कर दिया। कक्ष में रखे दैनिक जरूरत के लिए यहां पर रखे गए इंडक्शन और कुछ सामानों को चोरी कर ली। इसके बगल में स्थित इंफारमेशन सेंटर में चोरी का प्रयास किया गया। साथ ही बाहर में लगे नल व अन्य सामान निकाल कर ले गए। इसके बाद चोर पीएंडडब्ल्यू शाखा, लेखा शाखा, सीएचपी व फ्यूल मेनेंजमेंट कार्यालय पहुंचे। यहां भी ताला तोड़ कर अंदर घुसे और लेखा विभाग की फाइलों को नीचे बिखराते हुए सामानों की चोरी कर ली। बेखौफ होकर चोर घटना को अंजाम देने के बाद चले गए। सोमवार को कार्यालय खुलने पर जब अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे, तब उन्हें चोरी की जानकारी हुई। इसके साथ ही विभाग में हडकंप मच गया। मुख्य अभियंता डा. हेमंत सचदेवा भी स्थल पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली।मुख्य अभियंता डा. सचदेवा ने बताया कि अज्ञात चोर ने तीन स्थान से चोरी की है। नल की टोटी सहित छोटे मोटे सामान ले गए हैं। चोर कहां से घुसे इसकी जांच की जा रही है, क्योंकि मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी लगा है और वहां से अंदर आना संभव नहीं है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई है और चोरी गए सामानों की सूची तैयार की जा रही है। किसी भी फाइल को नुकसान नहीं पहुंचा गया है। संयंत्र में इस तरह हुई चोरी से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। संयंत्र में मुख्य द्वार से लेकर विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं संयंत्र के चारों तरफ काफी बड़ी बाऊंड्रीवाल बनी हुई है। ऐसी स्थिति में चोर संयंत्र के अंदर कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है।
जानकारी के अनुसार लेखा विभाग के समीप सीसीटीवी लगा है। इसमें पांच चोरों के फोटो नजर आ रही है, पर अधिकारिक तौर पर कोई भी कुछ बोलने तैयार नही है। विभागीय स्तर पर मामले की फिलहाल जांच की जा रही है। इसके बाद ही वास्तविकता सामने आएगी। खास बात यह है कि मुख्य द्वार के पास 24 घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं, इसके बावजूद 50 मीटर पर खड़ी दो स्कूल बस की बैटरी को चोरी कर ले गए।हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम (एचटीपीपी) की 500 मेगावाट विस्तार परियोजना के स्टोर में भी चोरी होने की चर्चा कर्मियों के मध्य सरगर्म है। स्टोर से क्या क्या चोरी गया है, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है, पर चोरी को लेकर कर्मियों ने सुरक्षा पर सवाल उठाया है। विद्युत कंपनी के दोनों संयंत्र में चोरी होने का मामला काफी गंभीर हो गया है। एचटीपीपी मुख्य अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि बाहर प्रवास होने की वजह से ऐसी का जानकारी मिल सकी है, अधिकारियों से चर्चा करने के बाद कुछ कहा जा सकता है।





















