महिला का गर्भपात कराकर मृत्यु कारित करने वाले मुख्य आरोपी को झारखण्ड से किया गिफ्तार

जांजगीर-चांपा। महिला का गर्भपात कराकर मृत्यु कारित करने वाले मुख्य आरोपी को पामगढ़ पुलिस ने झारखण्ड से गिफ्तार किया है।
मृतिका की मृत्यु सिम्स अस्पताल बिलासपुर में 06 अप्रैल 2024 को हो जाने से थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर द्वारा मर्ग जांच पंचनामा कर मर्ग सदर की डायरी थाना पामगढ़ को प्राप्त होने पर जांच कार्यवाही में लिया गया।
जांच दौरान मृतिका के परिजन, प्रत्यक्ष दर्शी गवाह का कथन, घटना स्थल का निरीक्षण साक्ष्य संकलन पर पाया गया कि मृतिका गर्भवती होने पर मृतिका के ब्वॉयफ्रेंड दिलीप कश्यप एवं उसके अन्य साथी द्वारा 06 अप्रैल 2024 को मृतिका के सहमति के बिना गर्भपात कराने के लिए ससहा के झोलाछाप डाक्टर कन्हैया लाल साहू के क्लीनिक में ले जाकर मृतिका के जान को जोखिम में डालकर गलत तरीके से गर्भपात कराए। जिससे मृतिका को अत्यधिक ब्लडिंग होने लगा जिसे उपचार हेतु सिम्स अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टर द्वारा चेक करने पर मौत हो जाना बताए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पतासाजी के लिए पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की जा रही थी आरोपी द्वारा घटना घटित कर फरार हो गये थे। पूर्व में 05 मई 24 को गर्भपात करने वाले झोलाछाप डॉक्टर कन्हैया लाल साकिन खजरी थाना बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
मामले का मुख्य आरोपी दिलीप कश्यप घटना कारित कर फरार थे। जिसकी पुलिस द्वारा लगातार पातासाजी की जा रही थी। आरोपी दिलीप कश्यप झारखण्ड के धनबाद में चोरी छिपे रह रहा है की सूचना पर टीम गठित कर रवाना होकर झारखण्ड धनबाद गए, सायबर सेल से तकनीकी सहायता लेकर आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिसे हिरासत में लेकर थाना पामगढ़ लाया गया, पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्विकार किया जो समक्ष गवाहों के मेमोरण्डम कथन लिया गया है। आरोपी दिलीप कश्यप का कृत्य अपराध सदर धारा का घटित करना सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज गया है।
मामले में एक अन्य आरोपी फरार है जिसकी लगातार पतासाजी की जा रही है, विवेचना जारी है।
उपरोक्त कार्यवाही में उपनिरी. मनोहर लाल सिन्हा थाना प्रभारी पामगढ़, सउनि रामदुलार साहू, आर. रोहित साहू, आर.भुनेश्वर साहू एवं थाना पामगढ़ स्टाफ एवं साईबर सेल विवेक सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

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