मुख्यमंत्री ने आंचलिक त्यौहारों का मान बढ़ाया :राजेश्री महन्त

भोजली विसर्जन के कार्यक्रम में शामिल हुए महामंडलेश्वर
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी ने अपने शासन कल के 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ की आंचलिक संस्कृति और त्योहारों का मान बढ़ाया है 15 वर्षों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्रमुख त्यौहार लगभग विलुक्ति के कगार पर चले गए थे। यह बातें राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने भोजली विसर्जन के कार्यक्रम में जनता जनार्दन को संबोधित करते हुए अभिव्यक्त किया, वे जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत स्थित ग्राम महंत एवं भणेशर में आयोजित भोजली विसर्जन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए थे। उन्होंने अपने आशीर्वचन संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में लोग प्रेम से एक दूसरे के साथ बड़े ही आत्मियता पूर्वक निवास करते हैं। यहां की संस्कृति भारतीय की अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता के सिद्धांत को आत्मसात करती है ।भोजली के त्यौहार में सभी जाति एवं धर्म के लोग आपस में मिलकर भोजली माता की पूजा अर्चना करते हैं, उनके विसर्जन के पश्चात एक दूसरे के घर में बांटकर आपस में मित्रता स्थापित करते हैं। छोटे और बड़े का भेद भाव इस त्यौहार में पूर्णत: समाप्त हो जाता है! मुझे आप लोगों के समक्ष इस त्यौहार के अवसर पर उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ यह हम सभी के लिए गौरव की बात है। भोजली विसर्जन के कार्यक्रम में विशेष कर के देवेश कुमार सिंह, बुधेश्वर सिंह, रविंद्र सिंह, शशिकांत सिंह, लालू सिंह, संजीव सिंह, रवि यादव, शिवकुमार यादव, महात्मा राम पांडेय, दिनेश पांडेय, प्रमोद सिंह ,राजेश सिंह, सुशील कुमार साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित ग्रामवासी लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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