मृतक के नाम से ऋण निकालने के चक्कर में सिवनी का समिति प्रबंधक बर्खास्त

जांजगीर-चांपा। मृत व्यक्ति के नाम केसीसी लोन निकालकर हजम करने के मामले में आखिरकार सेवा सहकारी समिति सिवनी चांपा के प्रभारी समिति प्रबंधक ललित देवांगन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई सहकारी संस्थाएं जांजगीर के उप पंजीयक के पत्र के आधार पर प्रबंध मंडल कार्यकारिणी समिति की बैठक में की गई। ललित देवांगन की जगह अब प्रभारी समिति प्रबंधक की जिम्मेदारी महावीर बरेठ को सौंपी गई है।
चांपा से लगे सिवनी निवासी मृत व्यक्ति सागर सिंह पिता धवन सिंह के नाम वर्ष 2022-23 में 1 लाख 35 हजार केसीसी लोन समिति प्रबंधक ललित देवांगन ने तैयार किया था। मामला प्रकाश में आने के बाद शिकायत की जांच कराई गई। जिसमें ललित देवांगन सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक चांपा के कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया। सहकारी संस्थाएं जांजगीर के उप पंजीयक ने ललित देवांगन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सेवा सहकारी समिति के प्राधिकृत अधिकारी व बलौदा के सहकारिता विस्तार अधिकारी को पत्र लिखा था।इस पर संज्ञान लेते हुए बलौदा के सहकारिता विस्तार अधिकारी जेके टंडन ने सेवा सहकारी समिति मर्या. सिवनी के प्रभारी समिति प्रभारी ललित देवांगन को नोटिस जारी कर सप्ताह भर के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन जवाब तो दूर ललित देवांगन सेवा सहकारी समिति सिवनी आना ही बंद कर दिया। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रबंध मंडल कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई जिसमें सेवा नियम 2018 के कंडिका 16-4 एवं 16-5 के तहत ललित देवांगन को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उनकी जगह महावीर बरेठ को प्रभारी समिति प्रबंधक की जवाबदारी सौंपी गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि अपराधिक षडय़ंत्र करते हुए मृत व्यक्ति के नाम केसीसी लोन सहित धान बिक्री और बोनस की राशि आहरण करना अपराध की श्रेणी में आता है। जिसमें धारा 420 की कार्रवाई हो सकती है।

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