राहुल गांधी की यात्रा के रूट में अरुणाचल के न होने पर भड़के BJP नेता, कांग्रेस पर दागे सवाल

नईदिल्ली, ३० दिसम्बर । कांग्रेस नेता राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत न्याय यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं। ये यात्रा मणिपुर से मुंबई तक 6200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसकी जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने हाल ही में दी। तभी से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। इस बीच, राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने यात्रा के बदले मार्ग पर चिंता जताई है। उन्होंने साल 2008 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के कांग्रेस के फैसले सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्ति व्यक्त की और साथ ही जयराम रमेश से जवाब मांगा। जेठमलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर जयराम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरुणाचल प्रदेश पर जयराम रमेश के विचारों को पढऩा अजीब लगता है। अब यह कहा जा रहा है कि पर्यावरण मंत्री के रूप में वह राज्य में सभी मौजूदा जल विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा करना चाहते थे और किसी भी नई परियोजना को रोकना चाहते थे। रमेश ने तब जोर देकर कहा था कि भारत अपने दम पर बांधों का निर्माण करने में सक्षम नहीं होगा और उसे राज्य में अपनी जल विद्युत परियोजनाओं में चीन को शामिल करना चाहिए। जब उनकी हर तरफ आलोचना हुई, तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को एक पत्र लिख दिया, जिसे पढ़कर लगता है कि जैसे कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग नहीं था।

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