
हसौद। सक्ती जिले मे रेत माफियाओं पर प्रशासन का डर दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि बंद रेत घाटों से अवैध उत्खनन के साथ रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर वालों से प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए की धड़ल्ले से उगाही हो रही है , रेत माफिया बिना रायल्टी के रेत बेचकर शासन को राजस्व का चूना लगा रहे हैं। सक्ती जिले के हसौद तहसील से महज कुछ किलोमीटर दूर बरेकेल डोटमा के किनारे महानदी से रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है। मौके पर जब हमारी टीम पहुंची तो रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर चालक ने बताया कि हसौद का एक युवक सुबह से ही नदी किनारे बैठ कर पुलिस और प्रशासन का धौंस दिखाकर प्रति ट्रैक्टर चालकों से 300 रूपए की अवैध उगाही करता है। औसतन घाट से प्रतिदिन 100 ट्रिप रेत निकाले जा रहे हैं।लगभग रोजाना 30 हजार की उगाही हो रही है , ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दिन दहाड़े इस तरह के लूट का खेल आखऱि किसके सह पर हो रहा है।खनिज उडऩदस्ता के द्वारा परिवहन में लगे वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की औपचारिकता निभाई जा रही है। जबकि रेत घाटों में उत्खनन में लगे वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले के महानदी सहित अन्य सहायक नदियों के रेत घाटों को रेत खनन के लिए ठेका में दिया गया था। मगर रेत घाटों का अक्टूबर महीने से ठेका समाप्त हो चुका है। अभी नया ठेका के लिए टेंडर भी नहीं निकाला गया है। ऐसे में बंद घाटों से माफियाओं के द्वारा रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। नदियों का सीना चीरकर रेत माफिया बिना रायल्टी के रेत खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुके हैं और यह खेल अनवरत जारी है। जिले में रेत माफिया जिला प्रशासन के अधिकारियों पर भारी पड़ रहे हैं। अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई केवल दिखावे के लिए की जा रही है। जिसके कारण बेखौफ होकर रेत माफिया खनन और ट्रांसपोर्टर परिवहन कर रहे हैं। कलेक्टर के निर्देश के बाद पिछले दिनों परिवहन में लगे ट्रैक्टर और हाइवा को जब्त कर कार्रवाई की औपचारिकता निभाई गई थी। ऐसे में अधिकारियों द्वारा कार्रवाई को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उत्खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में अधिकारियों के हाथ कांप रहे हैं। रेत माफिया यदि बिना रायल्टी के नदी से उत्खनन कर रेत बेचेंगे ही नहीं तो परिवहन भी नहीं होगा। आपके माध्यम से जानकारी मिली है , अवैध उत्खनन व उगाही करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। महानदी से अवैध उत्खनन रोकने पूरी कोशिश की जाएगी। भीष्म पटेल तहसीलदार हसौद





















