
पटना। लोक गायिका शारदा सिन्हा आज छठ के तीसरे दिन पंचतत्व में विलीन हो गईं। पटना के गुलबी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अंशुमान ने मुखाग्नि दी। घाट पर शारदा सिन्हा अमर रहे के साथ-साथ छठी मईया के जयकारे भी गूंजते रहे। शारदा सिन्हा को छठ गीत से पहचान मिली। उनके गानों के बिना छठ महापर्व अधूरा माना जाता है। छठी माई की महिमा गाने वाली शारदा सिन्हा का पर्व के पहले दिन (मंगलवार को) दिल्ली एम्स में निधन हुआ था। उनके अंतिम सफर में उनका गाया आखिरी छठ गीत दुखवा मिटाई छठी मईया बजा। ये गाना शारदा सिन्हा ने दिल्ली एम्स से ही रिलीज किया था।



























