
जांजगीर-चांपा। फ्लोरा मैक्स कंपनी द्वारा करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के संबंध में माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के प्रबंधकों की बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि ठगी का शिकार हुए पीडि़त व्यक्तियों से लोन वसूली के दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त न किया जाए। बैठक में अलग-अलग 39 माइक्रोफ़ाइनेस कंपनी/बैंकों वाले उपस्थित हुए।. पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला के निर्देशन में शुक्रवार 6 दिसंबर को को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में फ्लोरा मैक्स कंपनी के धोखाधड़ी मामले में पीडि़त व्यक्तियों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। पीडि़त व्यक्तियों, जिन्होंने विभिन्न बैंकों से लोन लिया और उक्त कंपनी में रकम जमा की लोन वसूली के दौरान मानसिक दबाव से बचाने के लिए प्रबंधकों को आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसडीओपी चाम्पा यदुमणि सिदार और थाना प्रभारी चाम्पा डॉ. नरेश पटेल उपस्थित रहे। उन्होंने प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वसूली प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और पीडि़तों को सहानुभूतिपूर्वक सहयोगक्षे प्रदान किया जाए।






















