
पटना, १५ अगस्त । भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भारत-विभाजन की दुखद स्मृतियों की लगी प्रदर्शनी लगाई गई। इसके पश्चात विद्यापति भवन में परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत विभाजन के इतिहास को आज तक कभी याद तक नहीं किया गया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर भारत विभाजन विभीषिका को स्मृति दिवस के रूप मनाने का कार्यक्रम शुरू हुआ है। ऐसे में विभाजन के लाखों भारतीयों के बलिदान तथा उनके त्याग को स्मृति की तरह याद रखना जरूरी है।पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस्लामिक पृथकवाद पर चर्चा करते हुए कहा कि कैसे कुछ लोग हमेशा अपने को अलग राष्ट्र मानते थे, जिसकी परिणति 1940 के मुस्लिम लीग के डिमांड और 1947 के बंटवारे में हुई।ये नरसंहार, विभिषिका, करोड़ों लोगों का पलायन, लाखों लोगों की हत्या उसका परिणाम था। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन की विभीषिका का दंश झेलने वाले सभी पीडि़तों को सादर नमन करता हूं। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा की पिछले 75 वर्षों से हम उन लाखों पुरुषों और महिलाओं को याद किए बिना आजादी मना रहे हैं। भारत विभाजन पर 1.5 करोड़ लोग मारे गए थे। लाखों की संख्या में लोग घायल और बेघर हुए थे। विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता है।विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा की आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है, देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है, विभाजन का दर्द और उस दौरान हुई हिंसा देश की स्मृतियों में गहराई से अंकित है।केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि विभाजन की विभीषिका में जिस तरह सांस्कृतिक धरोहरों को नष्ट किया गया, इस दर्द को आज भी देश झेल रहा है। कार्यक्रम का संचालन पटना महानगर के महामंत्री विनय केसरी ने किया। कार्यक्रम के पश्चात विद्यापति भवन से आयकर चौराहा तक मौन जुलूस निकाला गया।
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