शादी के लिए हरियाणा से दूल्हा आया बिहार घोड़ी चढऩे की बजाए पहुंचा थाने, पुलिस भी दंग!

अररिया, १४ फरवरी ।
दिल्ली और हरियाणा में शादी के लिए लडक़ी नहीं मिलने पर दूल्हा बनने बिहार पहुंचे अधेड़ को लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस ने लडक़ी के माता-पिता की मर्जी से शादी होने की बात कहते हुए दूल्हा और उसके जीजा को पीआर बांड पर छोड़ दिया। दरअसल, हरियाणा के महेंद्रगढ़ से दो लोग बिहार के अररिया जिला के सिकटी प्रखंड के पररिया गांव में शादी करने के लिए पहुंचे थे। करीब 10 दिनों से वे परडिय़ा के ग्रामीणों के साथ शादी के लिए लडक़ी ढूंढ रहे थे। काफी खोजबीन के बाद सिकटी थाना क्षेत्र के मुरारीपुर में लडक़ी के पिता से शादी की बातचीत की। शादी के खर्च के लिए लडक़ी के पिता को 15 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। शादी की सारी तैयारी की गई। हल्दी-मेहंदी भी लगी, सारी रस्में लडक़ी के घर पर ही की गई। सिंदूरदान की बारी आने पर लडक़ी की मां ने सुंदरनाथ धाम में सिंदूरदान करने की बात कही, तो सभी तैयार हो गए। इसके बाद मंगलवार की संध्या लडक़ी और परिवार वाले अधेड़ दूल्हा राजीव गुप्ता, उसके जीजा सुनील अग्रवाल और कुछ स्थानीय लोगों के साथ शादी कराने कुर्साकांटा प्रखंड के सुंदरनाथ धाम मंदिर पहुंचे। मंदिर कमेटी ने दोनों पक्षों से पहचान पत्र मांगा।पहचान पत्र दिया भी गया, लेकिन जब दो गवाहों को देने की बात कही तो स्थानीय लोग सुंदर नाथ धाम मंदिर से चले गए। इसके बाद धीरे-धीरे दूल्हे के साथ आए लोग भी घर चले गए। शंका के आधार पर मंदिर कमेटी ने दूल्हा एवं उसके जीजा को पुलिस को सौंप दिया।इधर, कुआड़ी थानाध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि लडक़ा और उनके जीजा को पूछताछ के लिए थाना लाया गया।
पूछताछ से पता चला कि लडक़ी के माता-पिता अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं। इसमें दोनों पक्षो की सहमति शामिल थी। कई स्तर से इसकी जांच की गई। अंतत: पीआर बॉन्ड बनाकर दोनों को छोड़ दिया गया।इधर, लडक़े का जीजा सुनील अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा-दिल्ली में लडक़ी की कमी होने के कारण लडक़ों की शादी समय पर नहीं हो पाती है। परडिया गांव के कुछ मजदूर हमारे यहां काम करते थे तो मैंने उनसे कहा था कि बिहार में लडक़ी मिल जाती है तो मैं अपने साले की शादी कराऊंगा, इसलिए यहां आया था।

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