शिवरीनारायण सड़क मार्ग पर गड्ढों की भरमार से समस्या

शिवरीनारायण। नगर का प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पंद्रह दिवसीय मेला माघ पूर्णिमा के साथ शुरू होगा। माघ पूर्णिमा के अवसर पर करीब सप्ताहभर पहले से बड़ी संख्या में क्षेत्रभर के श्रद्धालु जमीन पर लोट मारते हुए माता शबरी के धाम पहुंचते हैं। इस बार खैरताल क्षेत्र के श्रद्धालु जर्जर सड़क में लोट मारते हुए शिवरीनारायण पहुंचेंगे। क्योंकि खैरताल, कटौद, तेंदुआ व तुस्मा से शिवरीनारायण की ओर आने वाली सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इस 12 किलोमीटर की सड़क पर जगह – जगह दरारें और बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई जगहों पर सड़क दब भी गई है। इससे इस सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना को लेकर जमीन पर लोट मारते हुए भगवान शिवरीनारायण के दर्शन के लिए पहुंचते हैंं। माघ पूर्णिमा के साथ ही 24 फरवरी से शिवरीनारायण का प्रसिद्ध पंद्रह दिवसीय मेला शुरू होगा। शिवरीनारायण से खैरताल तक सड़क खराब होने के कारण जमीन पर लोट मारते पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और मेला देखने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सड़क पर जगह – जगह दरारें और बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस 12 किलोमीटर के सफर को तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है। सड़क खराब होने की वजह से आए दिन दुर्घटना भी होती रहती है। कुछ महीने बाद बरसात का मौसम आने वाला है। ऐसे में सड़क पर हुए बड़े बड़े गड्ढों में पानी भरने से लोगों की परेशानी और बढेंगी। शिवरीनारायण क्षेत्र का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। इससे रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस सड़क से गुजरकर खरीदी करने नगर आते हैं। आसपास के गांव के बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करने नगर के स्कूल व कालेज आते हैं उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञात हो कि इस मार्ग के निर्माण के लिए वर्ष 2022 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राशि स्वीकृत करने की घोषणा की थी। मगर इसके सालभर बाद भी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई। जिसके कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सका। गड्ढों की कराई जा सकती है मरम्मत शिवरीनारायण से खैरताल तक जर्जर सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए शासन से स्वीकृति तो मिल गई है मगर वित्तीय स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में जब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल जाती है और टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक मेला को देखते हुए मार्ग में बने गड्ढों की मरम्मत कराई जा सकती है। मेला शुरू होने में अभी पखवाड़ेभर का समय है। इस बीच सड़क की मरम्मत कराई जा सकती है। इससे भी लोगों को आवागमन में थोड़ी सुविधा जरूर मिल सकेगी। इसके लिए जिला प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रवीण कुमार गौतम इंजीनियर पीडब्ल्यूडी शिवरीनारायण

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