
जांजगीर- चांपा । शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में शोधार्थी पीएचडी नहीं कर पा रहे हैं। यहां विभिन्न् विषयों में गाइड की नियुक्ति हो गई है मगर चार साल गुजरने के बाद भी एक भी बार प्री -पीएचडी परीक्षा नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि गाइड शोध नहीं करा पा रहे हैं वहीं शोध करने के इच्छुक विद्यार्थियों को बिलासपुर व अन्य जिले के विश्वविद्यालयों का चक्कर काटना पड़ रहा है।वर्ष 2020 में रायगढ़ में शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य सरकार द्वारा की गई है। इस विश्वविद्यालय में अविभाजित जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले के शासकीय और निजी कालेज संबद्ध हैं मगर चार साल में अब तक न तो विश्वविद्यालय के सेटअप अनुसार भर्ती हो सकी और न ही विद्यार्थियों को यहां वह सुविधा मिल पा रही है जो उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मिलना चाहिए। चाहे शैक्षणिक कैलेंडर हो या खेल कैलेंडर उसके अनुसार यहां अध्यापन व खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं होता। पीएचडी के लिए प्री-पीएचडी की परीक्षा होना तो दूर इसका सिलेबस तक तैयार नहीं हुआ है। इस संबंध में गठित शोध समिति की कई बैठकें भी हो चुकी है मगर अब तक प्री-पीएचडी परीक्षा की रणनीति नहीं बनी है। ऐसे में विभिन्न् विषयों में पीएचडी करने के इच्छुक विद्यार्थी बिलासपुर और अन्य जिले के विश्वविद्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। वहीं परीक्षा के मामले में भी विश्वविद्यालय के कार्य की गति धीमी है। पूरक परीक्षा का परिणाम अभी तक जारी नहीं हो पाया है और वार्षिक परीक्षा के लिए फार्म भरे जा चुके हैं। वार्षिक परीक्षा मार्च से शुरू हो जाती है। जनवरी समाप्त होने को है और पूरक परीक्षा का परिणाम नहीं आया है। ऐसे में पूरक में उत्तीर्ण विद्यार्थी दो माह में आगामी परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे, यह भी एक बड़ा सवाल है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एलके पटेरिया से मोबाइल पर संपर्क किया गया मगर उन्होंने काल रिसीव नहीं किया। जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने जांजगीर-चांपा जिले के निजी व शासकीय कालेजों को बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध करने उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि रायगढ़ विश्वविद्यालय में शामिल होने से न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हुई है बल्कि आवागमन में भी परेशानी होती है बिलासपुर की दूरी अकलतरा, बलौदा, पामगढ़ से बहुत कम है वहीं जांजगीर से भी बिलासपुर 50 किलोमीटर और रायगढ़ की दूरी 100 किलो मीटर है। रायगढ़ आवागमन के साधन भी कम हैं। इससे विद्यार्थियों व प्राध्यापकों को विभिन्न् कार्यों के लिए विश्वविद्यालय आने जाने में परेशानी होती है। जांजगीर-चांपा जिले के कालेजों को बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की मांग करने पर विश्वविद्यालय ने इस संबंध में कालेजों से अभिमत भी मांगा था। जिसमें जिले के अधिकांश कालेजों ने फिर से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध करने संबंधी अभिमत भेजा था मगर उनका यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया। विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी परीक्षा शीघ्र ही होगी । पूरक परीक्षा का परिणाम भी आ जाएगा। उन्हें वार्षिक परीक्षा का फार्म भरने समय दिया जाएगा। सौरभ शर्मा कुल सचिव ,शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़















