सरपंच पति द्वारा स्कूल में शिक्षकों के साथ किया गया गाली गलौज

जांजगीर चांपा। शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला सिवनी (चाम्पा) के सरपंच पति चन्द्रकुमार राठौर द्वारा अध्यापन कार्य में विघ्न डालने तथा शिक्षकों को टॉर्चर करने का मामला सामने आया है जिसकी शिकायत प्रधान पाठक सहित अन्य शिक्षकों ने कलेक्टर से उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस आशय की शिकायत उन्होंने लिखित तौर पर कलेक्टर को सौंपा है ताकि भविष्य में ऐसे कार्यों की पुनरावृति न हो।
इस संबंध में अवगत हो कि 31अगस्त शनिवार को शासकीय कन्या पूर्व माध्य. शाला सिवनी-चांपा की कक्षायें चल रही थी, तभी सिवनी ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती लखेकुमारी राठौर का पति चन्द्रकुमार राठौर वहां आये और प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को सभी बच्चों और स्कूल स्टाफ के सामने इस बात के लिए मानसिक रूप से टार्चर करने लगे कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में गांव के उपसरपंच चन्द्रदेव साहू को क्यों आमंत्रित किये। उनका यह कहना था कि उपसरपंच से उनकी दुश्मनी है इसलिए उनकों स्कूल में नहीं बुलाना था। जब प्रधान पाठक ने बताया कि गांव के सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान के साथ आमंत्रित किया गया था, इस बात से सरपंच का पति भडक़ गया और सबके सामने प्रधान पाठक और पूरा महिला शिक्षक स्टाफ से चिल्लाकर बदतमीजी पूर्वक व्यवहार करने लगा। चन्द्रकुमार राठौर के द्वारा बच्चों और महिला शिक्षकों के सामने उपसरपंच के संबंध में गंदी गाली देकर पूरा माहौल खराब कर सभी शिक्षकों को भयभीत करने का प्रयास किया। उनके चिल्लाने से प्राथमिक कन्या शाला के सभी स्टाफ, रसोईया महिला समूह के लोग और सभी बच्चे अपमान और शर्मीन्दगी महसूस करने लगे थे।
प्रधान पाठक ने बताया कि सरपंच का पति चन्द्र कुमार राठौर हमारे संस्था का शाला प्रबंधन समिति के नए अध्यक्ष नियुक्त हुए है, इसके बावजूद हमको सहयोग करने के बजाय हमे सबके सामने अपमानित कर हम समग्र शिक्षक स्टाफ पर बेवजह मानसिक दबाव बनाकर हमें प्रताडि़त भी किया जा रहा है।
जिससे हम अपना दायित्व निभा पाने में असहज हो रहे है। शिक्षकों ने संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ उचित कार्रवाई करने की मांग करते हुए कलेक्टर एवं एसपी से गुहार लगाई है अब देखना यह है कि जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं। सबसे ध्यान देने वाली बात यह की सरपंच पति चंद्रकुमार राठौर एवं उपसरपंच के बीच बनी राजनैतिक लड़ाई स्कूल तक जा पहुंची है जिनका गुस्सा सरपंच पति द्वारा गांव के शिक्षकों के ऊपर निकाला जा रहा है। जबकि यहां पदस्थ प्रधान पाठक सहित सभी शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन कर स्कूल तक ही सीमित है। परंतु सरपंच पति द्वारा इन्हें खुला आम धमकी देना सही कार्य नहीं है। ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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