सहायक शिक्षकों को 15 माह बाद सेवा मुक्त करने से परिवार पर आर्थिक संकट

जांजगीर-चांपा। बी एड योग्यता धारी सहायक शिक्षकों को आंदोलन करते हुए 21 दिन पूरे हो गये हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पायाहै। भारतीय मजदूर संघ के सहयोगी संगठन राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए ते हुए कहा कि बी एड योग्यता धारी सहायक शिक्षकों को आंदोलन करते हुए 21 दिन पूरे हो गये हैं। इसके बावजूद भी मौजूदा सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान न करते हुए मात्र समिति गठन कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। इस संबंध में प्रदेशाध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी ने आन्दोलन का समर्थन करते हुए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जारी विज्ञप्ति के आधार पर जिसमें स्पष्ट रूप से डीएड व बीएड व्यावसायिक योग्यता की मांग के अनुसार मेरिट लिस्ट के आधार पर सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं। आज 15 माह पश्चात उन्हें सेवा मुक्त करने पर 2897 परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है,। आर्थिक संकट की स्थिति में संबंधित परिवारों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए शासन को शिक्षा विभाग में समायोजित करने का आश्वासन देते हुए प्रदेश में रिक्त 3300 सहायक शिक्षक विज्ञान अथवा प्रदेश में रिक्त 3000 पद से अधिक शिक्षक के पद पर पदोन्नति की प्रत्याशा में सेवा यथावत रखा जावे। प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमाई लाल, संभागीय अध्यक्ष बस्तर व संभागीय अध्यक्ष अम्बिकापुर मोहम्मद सईद अहमद, संभागीय अध्यक्ष अम्बिकापुर श्री अंसारी, संभागीय अध्यक्ष डी एल सोनवानी, जिला जांजगीर चांपा के अध्यक्ष अनुभव तिवारी, बिलासपुर अध्यक्ष रमेश द्विवेदी, कोरबा अध्यक्ष एस एन शिव रायगढ़ से गणेश साहू, धमतरी से प्रदेश सचिव खुमान सिंह, प्रदेश प्रचार सचिव आर के पाण्डेय ने पीडि़तो को न्याय दिलाने हेतु प्रदेशाध्यक्ष से मुख्यमंत्री से पहले करने की बात कही है।

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