
देहरादून, ०३ दिसम्बर । सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने को देश और विदेश में भारतीय आपदा प्रबंधन के नए हौसले के रूप में भले ही देखा जा रहा हो, लेकिन इसके बहाने उत्तराखंड और देश के भीतर राजनीति का नया मोर्चा खुलता नजर आ रहा है। बचाव अभियान की सफलता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेस्क्यू आपरेशन से सीधे जुड़े रहने व श्रमिकों के साथ बातचीत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता ने कांग्रेस को जवाबी रणनीति बनाने को विवश कर दिया है।प्रदेश की भाजपा सरकार के श्रमिकों की सुरक्षित निकासी को उत्सव का रूप दिए जाने के बाद प्रमुख विपक्षी पार्टी ने भी रैट होल माइनर्स को सम्मानित करने की घोषणा कर दी है। रैट होल माइनर्स के दल में एक समुदाय के व्यक्तियों की संख्या अधिक है। कांग्रेस के इस दांव के बाद लोकसभा चुनाव में भी इस मुद्दे की गूंज तय मानी जा रही है।उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा में चारधाम आलवेदर रोड की निर्माणाधीन सुरंग में दुर्घटना और वहां फंसे श्रमिकों के बचाव को चले अभियान ने देश और दुनिया का ध्यान खींचा है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से उत्तराखंड समेत देश में चीन सीमा से सटे क्षेत्रों में सामरिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण में तेजी आई है। उत्तराखंड में चारधाम आलवेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन समेत भारतमाला जैसी केंद्र की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं। सामरिक और पर्यावरणीय, दोनों दृष्टि से अति संवेदनशील इस हिमालयी क्षेत्र में केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं ने राज्यवासियों की विकास को लेकर दमित इच्छाओं को ईंधन दिया तो बदले में केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा को यहां से प्रचंड बहुमत मिला है। केंद्र की यही परियोजनाएं कांग्रेस के निशाने पर रही हैं। सिलक्यारा सुरंग दुर्घटना ने कांग्रेस को हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण को मुद्दा बनाने और केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों की परियोजनाओं पर निशाना साधने का मौका दिया है। विपक्षी पार्टी राज्य की समस्त परियोजनाओं की नए सिरे से पारिस्थितिकीय जांच की मांग कर रही है।वहीं, सुरंग में फंसे श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र और राज्य की विशेषज्ञ संस्थाओं, आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों को भारत की नई क्षमता के रूप में धामी सरकार सामने रख रही है। श्रमिकों की वापसी का जश्न इगास (दिवाली के 11 दिन बाद उत्तराखंड में मनाई जाने वाली बूढ़ी दिवाली) के रूप में भले ही उत्तराखंड ने मनाया, लेकिन उसका उत्साह पूरे देश में महसूस किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसे डबल इंजन के लाभ के रूप में प्रदर्शित कर रहे हैं। सरकार पर बचाव अभियान की सफलता को इवेंट के रूप में प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा रही कांग्रेस इसके जवाब में रैट होल माइनर्स को सम्मानित करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में पार्टी के समस्त विधायकों ने एक माह का वेतन देने और वरिष्ठ नेताओं ने भी सहयोग देने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से समारोह आयोजित कर रैट होल माइनर्स को पुरस्कृत किया जाएगा। सामरिक सुरक्षा, हिमालय का संवेदनशील पर्यावरण और सीमांत क्षेत्रों में विकास को नई गति का मुद्दा सिलक्यारा सुरंग के बहाने लोकसभा चुनाव में भी उत्तराखंड की रणभूमि में पक्ष और विपक्ष का हथियार बनने जा रहा है। कांग्रेस इसे ही ध्यान में रखकर रैट होल माइनर्स पर दांव खेलने की तैयारी में है।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कह चुके हैं कि रैट होल माइनर्स ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर कार्य किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि बचाव अभियान सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, लेकिन भाजपा और केंद्र व राज्य की सरकारें इसे इवेंट मैनेजमेंट की तरह प्रस्तुत कर रही हैं। सुरंग दुर्घटना से निपटने में जब मशीनें फेल हो गईं तो रैट होल माइनर्स का हुनर काम आया। कांग्रेस उन्हें पुरस्कृत करेगी।




















