
चांपा । हनुमान धारा चांपा में अक्षर साहित्य परिषद, निराला साहित्य मंडल और महादेवी महिला साहित्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में निराला जयंती एवं बसंतोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर स्व. कैलाश अग्रवाल की स्मृति में कैलाश अग्रोहा भवन, राधा कृष्ण मंदिर एवं द्वादश ज्योतिलिंग मंदिर निर्माण के लिए पंडित दिनेश दुबे के आचार्यत्व में भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर अक्षर साहित्य परिषद के संरक्षक डा. रमाकांत सोनी ने कहा कि वसंत ऋतु सौंदर्य की ऋतु है जहां जीवन खिलता हो वहां वसंत है जीवन के उत्सव में छंद में संगीत में जीवन के रस में उसे देखने की क्षमता ही बसंतोत्सव है। निराला साहित्य मंडल के संरक्षक पंडित हरिहर प्रसाद तिवारी ने कहा कि मनुष्य जीवन में बुद्धि की प्रधानता है। हमारे हृदय में जो विचार प्रेरणा और सद् बुद्धि आती है उसके पीछे भी बुद्धि कारण है। इसलिए दुर्गा
सप्तशती में देवी को बुद्धि का स्वरूप मानते हुए प्रणाम निवेदित किया गया है। महादेवी महिला साहित्य समिति की अध्यक्ष सुशील सोनी ने कहा कि श्रृंगार ऋतु कहा जाने वाला वसंत का मौसम जीवित रहने की बात कहता है। आनंदित होकर जिंदगी को सजाने और संवारने का नाम है वसंत । आचार्य पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि विद्याएं अनंत है किंतु विशेष विथा 14 और कलाएं 64 है विद्या की देवी सरस्वती है। उनकी कृपा से ही आप विद्या और कला का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। भागवताचार्य विदुषी सविता गोस्वामी ने कहा पवित्र संकल्प समय आने पर जब फलीभूत होता है तब परमात्मा मूल ब्याज समेत उसे वापस करता है। भिवेंद्र बहादुर सिंह ने कैलाश अग्रोहा भवन, श्री राधा कृष्ण मंदिर और द्वादश ज्योर्तिलिंग मंदिर निर्माण के भूमि पूजन पर शुभकामनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम का प्रारंभ पंडित दिनेश दुबे के आचार्यत्व में भगवती सरस्वती सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और स्व.कैलाश चंद्र अग्रवाल की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन पूजन अर्चन और सरस्वती वंदना से किया गया।
मुख्य यजमान राजेश अग्रवाल एवं मंजू अग्रवाल द्वारा भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र द्विवेदी एवं आभार राजेश अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर निर्मला अग्रवाल, राज अग्रवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, सीएमओ प्रहलाद पांडे, टीकम कंसारी, नागेंद्र गुप्ता, मो अली, कैलाश कसेर, कविता देवांगन, लक्ष्मी प्रसाद सोनी, शशि भूषण सोनी, गौरव गुप्ता, अनंत थवाईत, कविता थवाईत, डाक्टर इंदु साधवानी, प्रदीप नामदेव, शांति सोनी, हरदयाल सिंह, लक्ष्मी चंद्र देवांगन, राकेश शर्मा, भुवनेश्वर राठौर, राजन गुप्ता, राजेश सोनी, मो सलीम मेमन, हेमगिरी गोस्वामी आदि उपस्थित थे।





















