हरियाणा विधानसभा चुनाव से तय होगा गठबंधन की राजनीति का भविष्य, कई अकेले तो कुछ दल मिलकर ठोक रहे ताल

चंडीगढ़। हरियाणा में विधानसभा चुनाव गठबंधन की राजनीति का भविष्य तय करेंगे। 20 साल से प्रदेश की सत्ता से बाहर चल रहे क्षेत्रीय दल इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने राजनीति की मुख्य धारा में आने के लिए तीसरी बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से समझौता किया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ साढ़े चार साल तक गठबंधन सरकार में शामिल रही जननायक जनता पार्टी (जजपा) का सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण की आजाद समाज पार्टी (आसपा) से गठबंधन है। राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) अकेले दम पर चुनाव मैदान में हैं।
गठबंधन के तहत इनेलो 52 और बसपा 37 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सिरसा विधानसभा सीट पर गठबंधन ने हरियाणा लोकतांत्रिक पार्टी (हलोपा) के गोपाल कांडा को समर्थन दिया हुआ है। सिरसा जिले की सभी सीटों पर इनेलो-बसपा के साथ हलोपा का गठबंधन है। गोपाल कांडा ऐलनाबाद समेत बाकी सीटों पर भी अभय चौटाला का समर्थन कर रहे हैं। भाजपा द्वारा गठबंधन तोड़ने के बाद जजपा खुद 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सहयोगी आसपा को 20 सीटें दी हैं।

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