
बेंगलुरु 25 नवंबर। कर्नाटक लोकायुक्त अधिकारियों ने मंगलवार को राज्य भर में 10 जगहों पर छापेमारी की। इन जगहों पर सरकारी अधिकारियों पर उनकी आय के ज्ञात स्रोत से ज्यादा संपत्ति जमा करने का आरोप है। ये छापे मांड्या, बीदर, मैसूर, धारवाड़, हावेरी, बेंगलुरु, शिवमोग्गा और दावणगेरे जिलों में मारे जा रहे हैं। लोकायुक्त के अनुसार, पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट से जुड़े असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर डी.एम. गिरीश, चीफ अकाउंट्स ऑफिसर मांड्या सी. पुट्टास्वामी, चीफ इंजीनियर (अपर कृष्णा प्रोजेक्ट) बीदर प्रेम सिंह, रेवेन्यू इंस्पेक्टर सी. रामास्वामी, धारवाड़ में कर्नाटक यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र की प्रॉपर्टीज जब्त की गई हैं। सीनियर वेटेरिनरी एग्जामिनर हुइलगोल सतीश, प्रोजेक्ट डायरेक्टर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ऑफिस हावेरी शेकप्पा, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, बेंगलुरु पी. कुमारस्वामी, फर्स्ट डिवीजन असिस्टेंट एसआईएमएस मेडिकल कॉलेज शिवमोग्गा सी.एन. लक्ष्मीपति की प्रॉपर्टीज पर भी छापे मारे जा रहे हैं। याद दिला दें कि 7 नवंबर को कर्नाटक लोकायुक्त ने बेंगलुरु के छह आरटीओ पर छापे मारे थे और बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ों का पता लगाया था। कर्नाटक लोकायुक्त ने जनता की कई शिकायतों के बाद बेंगलुरु के छह रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में अचानक छापे मारे थे। जिन जगहों पर छापे मारे गए उनमें यशवंतपुर, राजाजीनगर, जयनगर, येलहंका, कस्तूरीनगर और के.आर. पुरम शामिल थे। कर्नाटक लोकायुक्त ने 12 अधिकारियों के खिलाफ भी छापे मारे और आय से अधिक संपत्ति के मामले में 381 करोड़ रुपए जब्त किए। ये सर्च 14 अक्टूबर, 2025 को 48 जगहों पर की गईं, जिसमें अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के घर, ऑफिस और प्रॉपर्टी शामिल थीं।






















